गुस्से में तमतमाए एक शिक्षक ने एक छात्र को ऐसा थप्पड़ जड़ा कि उसकी गाल के ऑपरेशन करने की नौबत आ सकती है। पीडि़त छात्र के परिजनों ने इस मामले को लेकर थाना पहुंच गये और शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज करा दिया। यह मामला पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का है जहां के उत्तरपाड़ा के अमरेंद्र विद्यापीठ में टीचर ने दसवीं के छात्र की कनपटी पर थप्पड़ जड़ दिया। छात्र 20 महीने बाद टिफिन ऑवर में टिफिन बजाकर स्कूल आने की खुशी मना रहा था। हद तो तब हो गई जब छात्र स्कूल के प्रिंसिपल के पास अपनी शिकायत दर्ज कराके बाहर निकल रहा तो था तो गुस्से में तमतमाए शिक्षक ने दोबारा छात्र की कनपटी के नीचे थप्पड़ जड़ दिया। इस थप्पड़ के बाद छात्र को कान के नीचे काफी पीड़ा महसूस होने लगी। घर जाकर उसने अपने माता-पिता को अपनी आपबीती सुनाई जिसके बाद उसके माता-पिता उसे इलाज के लिए डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने पीडि़त छात्र को प्राथमिक उपचार करने के बाद 6 से 8 हफ्ते के लिए ऑब्जर्वेशन में रखने का सुझाव दिया है जिसके बाद उसके कनपटी की सर्जरी करने की भी जरूरत पड़ सकती है। इस मामले के बाद पीडि़त छात्र के माता-पिता ने उत्तरपाड़ा थाने में केस दर्ज कराया है। इस घटना में अभियुक्त शिक्षक गौतम रूईदास ने दसवीं कक्षा के छात्र सुभोजजित मन्ना को दो बार कनपटी के नीचे थप्पड़ मारा। पहली बार थप्पड़ मारने के बाद पीडि़त छात्र जब स्कूल के प्रिंसिपल से मौखिक शिकायत दर्ज करने के बाद प्रिंसिपल के कक्ष से बाहर निकल रहा था तो दोबारा शिक्षक ने छात्र के कनपटी पर थप्पड़ जड़ दिया। इस मामले में तथाकथित आरोपी शिक्षक ने बताया कि उनका संबंधित छात्र को थप्पड़ मारने का कोई इरादा नहीं था और न ही उस छात्र से उनकी कोई व्यक्तिगत शत्रुता है। उन्होंने सिर्फ अनुशासन पालन करने के लिए उससे कहा था और इसी दौरान हाथापाई में हो सकता है कि उसके कान के नीचे उनका हाथ लग गया हो। उन्होंने कहा कि छात्र सुभोजित मन्ना ने प्रिंसिपल से शिकायत करने के बाद बाहर निकलते हुए उन्हें लगभग धमकी देने की मुद्रा में कहा कि सर आपको देख लेंगे। बावजूद इसके यदि छात्र के कनपटी के नीचे कोई चोट लगी है तो इसके लिए वे काफी दुखी हैं।

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