छत्तीसगढ़ के उर्जाधानी कोरबा में इन दिनों 43 हाथियों का दल विचरण कर है. वहीं जिले के पसान क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से दहशत का माहौल बना हुआ है. हालांकि ग्रामीण लापरवाही में अपनी अपनी जान न गवां दें, इसलिए वन विभाग के कर्मी उन्हें लगातार सचेत कर रहे हैं. इसके लिए वन विभाग द्वारा लगातार मुनादी की जा रही है। दरअसल कोरबा जिले में हाथियों का आगमन एक बार फिर से हो गया है. कटघोरा वनमंडल के पसान वनपरिक्षेत्र में 43 हाथियों का दल पहुंचा हुआ है. इससे ग्रामीणों के साथ ही वन विभाग भी सतर्क हो गया है. हाथी ग्रामीणों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाए इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. रात के अंधेरे में टॉर्च के माध्यम से हाथियों पर नजर रखी जा रही है. हालांकि अबतक हाथियों के दल द्वारा किसी तरह का नुकसान किए जाने की कोई जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी जगराता के लिए मजबूर हो गए हैं. बीते दिनों हाथियों के दल ने गौरेला पेंड्रा मरवाही में आतंक मचाया था. ये दल अब कोरबा जिले पहुंचा है. वन्य जीव प्रेमी नितिन सिंघवी ने बताया की अक्सर देखा जाता है जब हाथियों का झुंड किसी क्षेत्र में विचरण करता है तो बड़ी संख्या में लोग हाथी देखने चलते जाते है. इसको लेकर सिंघवी ने बताया कि, हाथी आए तो बिलकुल भी उसके पास में नहीं जाना चाहिए. हाथी मानव के साथ अन्य जानवरों से डिस्टेंस बना कर रहना चाहता है. हाथी के पास कोई दूसरे जानवर भी नहीं जाते है. हाथी के पास जाना आत्मघाती कदम हो सकता है.
