बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिलाओं की मांग पर बिहार में शराबबंदी लागू की थी। शराब की बिक्री किसी भी प्रदेश के लिए राजस्व का एक बड़ा जरिया होता है। नीतीश कुमार ने राजस्व की परवाह न करते हुए महिलाओं मांग स्वीकार की, लेकिन आज इस कानून की वजह से महिलाओं को पुलिस की ज्यादतियों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल बिहार में शराबबंदी कानून के नाम पर बिहार पुलिस बिना अनुमति के ही लोगों के घर में घुसकर उनकी तलाशी ले रही है।
ऐसा ही एक अन्य मामला गुरुवार रात को सामने आया, जहां वैशाली पुलिस हाजीपुर शहर के हाथसरगंज क्षेत्र में रहने वाली शीला देवी के घर में शराब की तलाशी लेने के लिए घुस गई। शराब की तलाशी लेने के लिए पुलिस उनकी बहू के बेडरूम में घुस गई। शीला के बेटे की पांच दिन पहले ही शादी हुई थी। तलाशी के नाम पर पुलिस ने उनकी बहू के पूरे कमरे का हुलिलाय बिगाड़कर रख दिया। जिस समय पुलिस ने छापेमारी की उस समय शीला की बहू पूजा अपने कमरे में ही थी। हैरानी की बात ये है कि पुलिस की टीम में कोई महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी। पुलिस उनके कमरे में घुर गई और हर एक कोने की तलाशी ली। पूजा ने शनिवार को मीडिया को बताया कि पुलिस वालों ने हमारे बेड सहित पूरे कमरे को छान मारा। सूटकेश, अलमारी सबकुछ। जब मैंने उनसे पूछा कि आप क्या खोज रहे हो, तो उन्होंने मुझसे चुपचाप रहने को कहा। उन्होंने कहा कि वह दारू की बोतल को तलाश रहे हैं जो इस कमरे में रखी गई है।

