हिन्दू धर्म में तुलसी की पूजा का विशेष महत्त्व है। रविवार को छोड़कर तुलसी की नित्य पूजा की जाती है और जल अर्पित किया जाता है। बहुत से लोग लक्ष्मी-विष्णु मंदिर में जाकर तुलसी का पत्ता लेकर या चरणामृत लेकर ही भोजन करते हैं। तुलसी का जितना महत्त्व धार्मिक रूप से है, उतना ही वैज्ञानिक रूप से भी है। हाल ही में कोरोना संक्रमण में आयुर्वेद ने भी तुलसी के पत्ते से बना काढ़ा लेने की सलाह दी थी। तुलसी का पौधा 24 घंटे ऑक्सीजन देता है। इसकी पत्ती का नित्य सेवन करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद बताया गया है।

  1. अच्छी कमाई होने के बावजूद पैसे नहीं रुकते हैं, तो विष्णु जी के चरणों में रखी हुई तुलसी के पत्ते को अपने वॉलेट में रख लें। इसके बाद अनावश्यक धन खर्च रुक जाएगा और कभी पैसों की कमी नहीं आएगी। मान-सम्मान पाने के लिए तुलसी की जड़ को पीले कपड़े में लपेटकर दाहिनी भुजा पर बांध लें। लेकिन यह कार्य सिर्फ पुष्य नक्षत्र के दिन ही किया जा सकता है।
    2.तुलसी को लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है। देव-उठनी एकादशी पर सालिग्राम जी से इनका विवाह भी करवाया जाता है। तुलसी का पत्ता धन को अपनी और आकर्षित करता है, इसलिए इसे मां लक्ष्मी के मंत्रों से अभिमंत्रित करके घर की तिजोरी में रख दें। इससे घर में हमेशा धन की वृद्धि होगी।
    3.व्यापार में नुकसान होने की स्थिति में गणेश जी के चरणों में रखे हुए तुलसी के पत्ते को लेकर सफेद या लाल कपड़े में बांध लें। इसे दुकान या व्यवसाय के कार्यालय के गेट पर सही से बांध दें। व्यापार में हो रहा नुकसान तुरंत फायदे में बदलने लगेगा।
  2. नित्य सुबह नहाने के बाद तुलसी को जल अर्पित करने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
  3. प्रेम संबंध या वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए तुलसी के वृक्ष पर श्रृंगार का सामान चढ़ाएं और शाम को देसी घी का दीपक भी जलाएं।
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