जी हां… टाइटल पढऩे के बाद आप सोच रहें होंगे कि यह कैसे मुमकिन हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ है। आपको बता दें कि जालंधर के गदाशंकर के भांडियार गांव में शादी उन लोगों के लिए एक उदाहरण है, जो कर्ज के जाल में फंसे विवाहों पर अंधाधुंध खर्च करते हैं। यहां जतिंद्र कुमार दास ने महज 2100 रुपये खर्च करके बड़ी सादगी से शादी की। शादी 17 मिनट में हुई। इस शादी की चर्चा पूरे इलाके में है। गांव भांडियार के जतिंद्र दास पुत्र जसविंदर दास की शादी गांव मल्लन वेदिस की रीना पुत्री धर्मपाल दास से हुई थी, जो नवांशहर के रहने वाले थे। इस दौरान न तो दूल्हे ने कोई जयमाल पहना, न ही हार और न ही दूल्हा-दुल्हन ने कोई गहने पहने थे। दोनों हमेशा की तरह साधारण वेश-भूषा में आए और जिला समन्वयक अजमेर दास ने रक्षा सूत्र जतिंद्र दास और रीना दासी की कला को बांधा, फिर संत रामपाल दास महाराज द्वारा रमैनी के पाठ का पाठ किया और 17 मिनट में शादी की रस्म पूरी की। गया हुआ। केवल 11 लोग जो जतिंद्र दास के साथ गए थे, वे भी लड़के की तरफ से आए थे। इसके अलावा, एक पैसा भी दहेज नहीं लिया। कहा कि इससे अब कर्ज भरने की चिंता नहीं होगी। (एजेंसी)
