वसंत पंचमी के मौके पर नन्हें बच्चों का विद्यारंभ कराया गया। विद्यारंभ का यह सबसे शुभ दिन माना जाता है। मां दूर्गा मंदिर में माता के चरणों में बैठकर नए बच्चों ने कॉपी पर मां सरस्वती का जयकारा लिखकर विद्यार्जन की शुरूआत की। शहर के गंजपारा दुर्ग में स्थित मां दुर्गा मंदिर में आयोजित माता सरस्वती पूजन के अवसर पर मंदिर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी रही। हर वर्ग के लोग मां के मंदिर में मत्था टेकते देखे गए। छोटे बच्चों को गोद में लेकर कई अभिभावक विद्यारंभ कराने मंदिर पहुंचे थे। समित्ति द्वारा बच्चों के हाथ में कॉपी व पेंसिल देकर विद्यारंभ की विधि सम्पन्न कराई गई। सुबह मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना मन्दिर के मुख्य पुजारी पंडित सुनील पाण्डेय ने सम्पन्न कराई। पंडित सुनील पाण्डेय ने बताया कि जिस तरह हम एक नए जन्में बच्चे की खुशियां मनाते हैं उसी तरह मौसम की इस शुरूआत को भी हिन्दू परंपरा में बेहद अहम माना जाता है और यह दिन तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब इस दिन के साथ जु?ता है सरस्वती पूजा का योग। देवी दुर्गा के नौ अवतारों में से सबसे अहम अवतार सरस्वती मां का माना जाता है। देवी सरस्वती ज्ञान, कला, संगीत की देवी हैं। इस अंधकारमय जीवन से इंसान को सही राह पर ले जाने का सारा बीड़ा वीणा वादिनी सरस्वती मां के कंधों पर ही है। पंडित के कहे अनुसार प्रात: काल स्नान कर मां सरस्वती के चित्र एवं प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन की गई। देवी सरस्वती की आराधना एवं पूजा में प्रयुक्त होने वाली सामग्री अधिकांश श्वेत वर्ण रखी गई थी। जिसमें दही, मक्खन, धान का लावा, सफेद तिल का लड्डू, श्वेत पुष्प, गन्ना एवं गन्ने का रस, पका हुआ गुण, मधु, श्वेत चंदन, श्वेत वस्त्र, श्वेत आभूषण, मावा का मिष्टान, मूली, शक्कर, घृत, नारियल, नारियल का जल, श्रीफल, ऋतु अनुसार फल आदि सामग्री का पूजन में प्रयोग किया गया। बसंत पंचमी पर पीले वस्त्र पहनकर मां सरस्वती का पूजन अधिकांश लोगों ने किया। पूजा स्थल पर गेहूं की बाली, पीला फूल, आम के पत्ते आदि का अर्पण कर मां सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि, वाणी को प्राप्त करने की प्रार्थना की गई। समित्ति के योगेन्द्र शर्मा बंटी ने बताया कि बसंत पँचमी के अवसर पर दूर्गा मन्दिर में माता सरस्वती पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें छोटे छोटे बच्चों ने माता जी की पूजा अर्चना, आरती की, विशेषकर छोटे बच्चों ने विद्या की देवी का बारी-बारी से पूजा अर्चना कर आर्शीर्वाद लेकर प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर परिसर में प्रात: 11 बजे से माँ सरस्वती जी की पूजा अर्चना, आरती के पश्चात सभी बच्चों ने माता सरस्वती जी की पूजा अर्चना एवं आरती की, जन समर्पण सेवा संस्था, दुर्ग द्वारा सभी उपस्थित सभी स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल, रबर, मिष्ठान का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अशोक राठी, महेश गुप्ता, कुलेश्वर साहू, प्रशांत कश्यप, सोनल सेन, रमेश गुप्ता, चंचल शर्मा, सरिता शर्मा, सुमन शर्मा, शिशु शुक्ला, प्रकाश कश्यप, महेंद्र साहू, आशीष मेश्राम, तारणी ढीमर आदि धर्मप्रेमी और समिति के सदस्य उपस्थित थे।
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