शुक्रवार का दिन देवी देवियों को समर्पित है. इस दिन मां लक्ष्मी, मां दुर्गा, संतोषी मां आदि सभी देवियों की पूजा-अर्चना की जाती है. शुक्रवार को मां लक्ष्मी का व्रत रखने से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है. धार्मिक मान्यता है कि शुक्रवार के दिन कुछ उपाय कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति को मजबूत करते हैं और व्यक्ति को जीवन में मान-सम्मान दिलाते हैं. शुक्र ग्रह के मजबूत होने से व्यक्ति राजा की तरह जीवन जीता है. आइए जानें शुक्रवार के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में.

शुक्रवार के दिन करें ये उपाय

  • शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को लाल बिंदी, चुनरी, चूडय़िां सहित अन्य श्रृंगार का सामाना अर्पित करें. इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है और साथ ही पति की उम्र लंबी होती है.
  • आज मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए लक्ष्मी स्तोत्र, कनकधारा स्तोत्र या फिर श्री सुक्त का पाठ काफी शुभ फलदायी होता है. इससे मां लक्ष्मी का आशीर्वाद व्यक्ति पर जीवनभर बना रहता है.
  • इस दिन मां को कमल या फिर एक गुलाब का फूल अर्पित करें. मां को ये रंग बेहद प्रिय है. इन फूलों को मां के चरणों में अर्पित करने से व्यक्ति को जीवन में तरक्की और सफलता मिलती है.
  • मां लक्ष्मी की पूजा के बाद एक प्लेट में 2 कपूर और 2 लौंग रखें और फिर उससे मां की आरती करें. इससे मां जल्दी प्रसन्न होती हैं.
  • शुक्रवार को मां लक्ष्मी के सम्मुख दीपक जलाते समय रूई की जगह कलावे की बत्ता का इस्तेमाल करें. इससे मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है.
  • इस दिन कमलगट्टे की माला से मां लक्ष्मी का मंत्र ‘ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम::’ का जाप करें.
  • किसी भी मनोकामना पूर्ति के लिए शुक्रवार के दिन खीर का दान करें. इस दिन खीर बनाकर मां को भोग लगाएं. इसके बाद इस खीर को छोटी कन्याओं में प्रसाद के रूप में बांट दें.
  • धन-संपदा में बढ़ोतरी के लिए शुक्रवार के दिन पांच लाल रंग के फूल लेकर मां का ध्यान करें और फिर इन फूलों को अलमारी या फिर तिजोरी में संभाल कर रख दें. इससे मां लक्ष्मी आपके घर में विराजमान हो जाएंगी.
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version