मसियाराम कोड़े, पंडरूराम, मोहन धनेरिया की कहानी और चेहरे पर खुशी एक जैसी : राजस्व विभाग में रिकॉर्ड, खेत में पंप, बैंक से केसीसी, सोसायटी में धान बिक्री, अब सब कुछ मिलेगा
सर्वे के बाद सालों से शासकीय योजनाओं से वंचित किसानों के चेहरे पर लौटी खुशी
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में 1121 किसानों को मसाहती पट्टा वितरित किया
16 गांवों में सर्वे का काम पूरा, अब तक अबूझमाड़ के लगभग 2600 किसानों को मिल चुका है मसाहती पट्टा
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अबूझमाड़ क्षेत्र के गांवों में राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता के साथ सर्वे का काम तेजी से किया जा रहा है। नारायणपुर के ओरछा विकासखंड में 16 गांव जहां राजस्व सर्वेक्षण का कार्य पूरा हो चुका है, वहां किसानों को मसाहती पट्टों का वितरण किया गया है। मसाहती पट्टा मिलने के बाद ऐसे किसानों को अब शासन की योजनाओं का लाभ भी मिलने लगेगा। किसानों को केसीसी का वितरण भी किया गया जिससे वे अब बैंक से लोन भी ले पाएंगे।
अब मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ – मसाहती पट्टा मिलने के बाद अबूझमाड़ के किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। सोसायटी में पंजीयन हो सकेगा और धान बेच पाएंगे। किसानों के खेत मे अब डबरी निर्माण, सिंचाई हेतु सोलर पंप की सुविधा, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ मिल पायेगा। कृषि विभाग से अब किसानों को विभिन्न फसलों के बीज वितरण के साथ-साथ मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है। किसानों के खेत में ड्रिप लाइन बिछायी जा रही है और पॉली हाउस बनाया गया है।
ऐसे हो रहा सर्वे – गांवों का सर्वे करने के लिए जिला प्रशासन की टीम सबसे पहले गाँव की जीपीएस लोकेशन आईआईटी रुड़की को भेजती है। आईआईटी की टीम सैटेलाइट के माध्यम से बड़े एरिया का मैप बनाकर भेजती है। फिर यहां राजस्व विभाग द्वारा मैप में गांव और खेत की बाउन्ड्री का निर्धारण किया जाता है। फिर सॉफ्टवेयर के माध्यम से खेत को लोकेट करके एरिया निकाला जाता है। इसके बाद दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के बाद पट्टे का निर्धारण होता है।

