रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बोरवेल में फंसे राहुल साहू को बचाने में जिस संवेदनशीलता का परिचय दिया वह काफी काबिल-ए-तारीफ है। उनके निर्देशन पर रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने कई चुनौतियों का सामना करते हुए 105 घंटे के बाद जीत का परचम लहराया और बोरवेल में फंसे राहुल को बचा लिया गया। इस दौरान एक बात जो काफी जनचर्चा में रहा है वो यह है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के राहुल को बचाने के बाद अब क्या दिल्ली के राहुल को बचा पाएंगे…? बीते दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व कांग्र्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर ईडी की कार्रवाई का जमकर विरोध करते हुए दिल्ली की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस कार्रवाई के विरोध में कई कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारियां दी है। आपको बता दें कि राहुल गांधी से ईडी की लंबी पूछताछ चल रही है। कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बीच ईडी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े मनी लांड्रिग मामले में लगातार पूछताछ चल रही है। राहुल गांधी को लगातार पूछताछ के लिए ईडी दफ्तार बुलाये जाने से कांग्रेस नेताओं विरोध प्रदर्शन किया। इधर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि भाजपा और मोदी सरकार की कांग्रेस के नेतृत्व को परेशान कर फंसाने की हर कोशिश नाकाम होगी। श्री बघेल का कहना है कि केन्द्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग करने में लगी हुई है। ईडी अफसर जिस तरह से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को समंस जारी कर पूछताछ कर रहे हैं यह उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा नेता राहुल साहसी है। बोरवेल में फंसा राहुल 105 घंटे के संघर्ष के बाहर आया उसी अंदाज में हमारे नेता राहुल भी जंग जीतेंगे। अब लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के राहुल को बचाने के बाद अब क्या दिल्ली के राहुल को बचा पाएंगे…?, यह सवाल भी उठना लाजिमी है क्योंकि श्री बघेल की कार्यकुशलता, संवेदनशीलता के पार्टी आलाकमान के वरिष्ठ नेता अच्छी तरह से वाकिफ है।
