बैतूल। चार महीने की दूधमुंही जुड़वां बच्चियों के अनाथों की तरह परिजनों के साथ रहने का मामला बैतूल जिले के आठनेर ब्लाक के हिवरा गांव का है। जहां रहने वाली बुजुर्ग आदिवासी जमनी बाई किसी तरह अब इन दोनों बच्चियों की देखभाल कर रही हैं। मासूम बच्चियों की मां करीब एक महीने पहले उन्हें छोड़कर कहीं चली गई है और पिता पहले से ही जेल में है जिसके कारण बुजुर्ग दादी जगनी बाई ही अब जैसे तैसे कर इनकी देखभाल कर रही है लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है जिसे देखकर अब सामाजिक संगठन और परियोजना अधिकारी उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुजुर्ग जमनी बाई बताती हैं कि उनका बेटा मेहनत मजदूरी करने के लिए महाराष्ट्र के अमरावती गया था और वहीं पर शादी कर ली और वहीं पर जुड़वा बच्चियों का जन्म हुआ। बेटियों के जन्म के कुछ दिन बाद ही किसी मामले में पुलिस ने बेटे को पकड़कर अमरावती जेल में बंद कर दिया। जिसे छुड़ाने के लिए मेरे पास कोई काजात और रुपए नहीं है। बच्चियों को लेकर बहु घर आई और अब मासूमों को छोड़कर वह भी कहीं चली गई है। दिनों दिन बच्चियों की हालत बिगड़ती जा रही है। उनकी परवरिश कैसे करूं दूध और जरुरी सामान खरीदने के लिए भी मेरे पास पैसे नहीं रहते हैं। (एजेंसी)
