रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पूर्व आयोजित राज्य सरकार की इस केबिनेट से राज्य के सुदूर बस्तर से लेकर सरगुजा तक और गांव से लेकर शहर तक राज्य सेवा के सेवारत अधिकारियों-कर्मचारियों और सेवानिवृत्ति के बाद जीवन के अंतिम पड़ाव में जिंदगी काट रहे पेंशनरों को महँगाई भत्ता को लेकर बहुत आशा थी जो केबिनेट निर्णय से निराशा में बदल गई और इस निर्णय के बाद प्रदेश के कर्मचारियों-पेंशनरों भारी रोष व्याप्त है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया है यह केबिनेट बैठक जनहित में नहीं स्वहित को लेकर आहूत किया गया था। क्योंकि कि इस केबिनेट में अपने स्वयं का वेतन भत्ता बढ़ाने के निर्णय का अनुमोदन लिया गया है और अब मंत्रियों और विधायकों के वेतन भत्ते में भारी बढ़ोतरी करने का उन्हें अधिकार मिल गया है ।जबकि केन्द्र के बराबर महँगाई भत्ता को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों और पेंशनरों वेतन भत्ते पर विचार भी किया गया हो ऐसा प्रतीत नही हो रहा है। वर्तमान में केन्द्र में सबको 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है जबकि राज्य में कर्मचारियों को 22 प्रतिशत और पेंशनरों को केवल 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। जो सम्भवत: पूरे देश में छत्तीसगढ़ अकेला राज्य है जहाँ सबसे कम महंगाई भत्ता मिल रहा है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव तथा फेडरेशन से जुड़े पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, पेन्शनर एसोसिएशन के गंगाप्रसाद साहू, प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के आर पी शर्मा, भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के जयप्रकाश मिश्रा एवं पेन्शनर समाज से ओ पी भट्ट ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आग्रह किया है कि वे तुरन्त केन्द्र के देय तिथि से एरियर सहित बकाया 17 प्रतिशत महंगाई भत्ता कर्मचारियों एवं पेंशनरों देने के आदेश प्रसारित कराए।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
Exit mobile version