मैं वंदना साहू मुझे परिवार में सब अन्नु कह कर बुलाते है पर पूरी सोसल मीडिया मुझे *बिंदास बहुरानी*  के नाम से जानती है मैं धमतरी जिला के जुनवानी गांव में रहती हूं मेरा मायका राजिम के पास भेंड्री है जो मगरलोड ब्लॉक में आता है मैं गृहिणी हूं मेरे घर परिवार में मैं , मेरे स्वामी संजीव कुमार साहू मेरे दो बच्चे करिश्मा साहू और कान्हा साहू (जो अभी cg child artist के रूप में तैयार हो रहा है) और मेरे ससुर जी लक्ष्मण सिंह साहू (जो सांस्कृतिक नाट्य कला मंच जुनवानी से जुड़े है) और मेरी सासू मां टोटल 6 लोग रहते है  मेरी पढ़ाई मेरी शादी जल्दी हो गई मायके में मैंने BSC 1St ईयर किया फिर शादी के बाद ससुराल में आकर कम्प्यूटर प्रशिक्षण BCA बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन का कोर्स कियाबचपन से ही मैं थोड़ा क्रियेटिव थी नए नए चीजे सीखना करना मुझे बहुत पसंद है मेरे स्कूल के टीचर मुझसे बहुत खुश रहते थे साथ ही मैं अपने स्कूल के सभी दोस्तो की भी बहुत चहेती थी  और वो सभी मुझे सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत के लिए प्रोत्साहन भी करते थे मैं लगभग 14 साल की उम्र में ही कविता लिखना शुरू कर दिया था मगर मुझे अपने पारिवारिक वातावरण के कारण अपने हुनर को पेश करने का मौका नहीं मिला मेरे मम्मी पापा तो मुझे सपोर्ट करते थे मगर मेरा परिवार सयुक्त परिवार था तो बाकी लोगों का दबाव था इसलिए मैं लिख लिख कर छुपा कर रख लेती थी फिर भी स्कूल में मौका मिलता था तो जरूर पेश करती थी मैं स्कूल में डांस ,कविता, भाषण ,खेल ,रंगोली ,मेहंदी, चित्रकारी प्रतियोगिता सभी में भाग लेती थीमेरा बचपन से सपना था की मैं एक्टर बनू अपने परिवार का गांव का नाम अपने नाम के साथ ऊपर लाऊ मुझे शुरू से ही दूसरे के नाम के साथ जीना पसंद नही
 *अपनी एक अलग पहचान बनाऊं*  *सोचती हूं की life मिली है तो कुछ करके ही जाऊ*
परिवार का सहयोगमायके में तो ये सब इजाजत नहीं थी मगरमुझे मेरे ससुराल – मेरे स्वामी,सास,ससुर और पूरे परिवार का बहुत सपोर्ट मिला मैं अपने आप को बहुत भाग्यशाली मानती हूं की जो मायके में नही मिला वो मुझे ससुराल में आकर मिला मेरा प्लस प्वाइंट है की मेरे ससुर जी मुझे अपनी बेटी ही मानते है और सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सपोर्ट करते है वरना कोई भी अपनी बहू को ऐसे सांस्कृतिक क्षेत्र में भेजना पसंद नही करतेसाथ ही मेरे स्वामी का बहुत बहुत  ज्यादा सपोर्ट मिलता है मुझे मेरे हर प्रोजेक्ट में ले जाते है उसके अलावा गांव,समाज मेरे दोस्तो और मेरे चाहने वाले दर्शको के सहयोग से ही आज इस मुकाम पर हूं

 *सोशल मीडिया*  
सबसे पहले मैंने tik tok से शुरूवात किया था जिसमे मैं अपना कुछ act videos डालती थी वो मेरे लिए अपना हुनर पेश करने के का बहुत अच्छा प्लेटफार्म था  उसमे मैंने अपना असली नाम छोड़ कर *बिंदास बहुरानी* रख लिया ताकि मुझे मेरे ससुराल वाले गांव वाले कोई पहचान ना उसी के चलते ही मुझे मेरा पहला छत्तीसगढ़ी एल्बम गाना सुंदरानी वीडियो वर्ड में मिला जो हमारी सुप्रसिद्ध नन्ही लोक गायिका आरु साहू के साथ था *सुरूक सूरूक चाय ला कईसे पिथस काकी* उसमे मैं काकी और मेरे पति संजीव कुमार साहू कका का act किए , फिर वह ऐप बंद हो मैं थोड़ा टूट सी गई क्यू की उसी के जरिए मैं आगे जा रही थी
फिर अभी मैं *बिंदास बहुरानी 13*  के नाम से ही इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल चला रही हूउसके अलावा facebook twitter जैसे ऐप में भी एक्टिव हूं
 *बिंदास बहुरानी नाम रखने का कारण* – मैं एक छोटे से गांव से हूं तो ज्यादा तर गांव की सोच  होती है की उसकी बहु वीडियो बनाती है और अच्छे नजर से नहीं देखते तो मैंने सोचा अपना नाम छोड़ कर ऐसा क्या नाम रखूं की मुझे कोई पहचान ना पाए फिर मैंने अपने बारे में सोचना शुरू किया मुझमें कुछ तो ऐसा होगा जिससे मैं सोशल मिडिया मे अपना कुछ नया पहचान दू , मैंने अपने में पाया की सब मुझे बोलते है तुम सबसे अच्छी बात करती हो एक ही बार में सब को अपना बना लेती हो बहुत खुश रहती हो *बिंदास*  अपने लाइफ में मगनऔर घर में मैं अकेली बहु हूं सबसे छोटी लाडली तो मुझे सब *बहुरानी* बोलते है , तभी मैंने सोचा क्यू ना अपना नाम *बिंदास बहुरानी* ही रख लूं इससे मुझे मेरे गांव वाले कोई भी  नही खोज पाएंगे लेकिन किस्मत देखो , आज पूरा छत्तीसगढ़ मुझे *बिंदास बहुरानी* के नाम से जानता है 
 *मेरी पहचान एक अजीब कहानी है*  *अब तो मेरा नाम ही बिंदास बहुरानी है* 

 *Act जगत* “मौका तो मुझे बहुत मिला पर गृहिणी होने के नाते कुछ पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते थोड़ा पीछे हट गई “अभी तक मैने लगभग 6 – 7 छत्तीसगढी एल्बम किए है जिसमे से कुछ मेरे खुद के लिए हुवे गाने है जैसे *बिंदास बहुरानी cg रैप song*  इसमें मैने आवाज भी खुद दिया है डायरेक्टर लोकेश साहू बलौदाबाजार से है जो सुंदरानी वीडियो वर्ड में रिलीज हुवा , *मिले आबे ना* गायक प्रहलाद पटेल गायिका लोकेश्वरी सेन डायरेक्टर तामेश्वर देव है ये गाना यूट्यूब चैनल हमर धरोहर में रिलीज हुवा , *सुरता आथे पापा* आवाज दिया सुप्रसिद्ध गायिका कंचन जोशी जी  डायरेक्टर जीत साहू बिलाईगढ़ से है जो यूट्यूब चैनल रंगमंच प्रोडक्शन में रिलीज हुवा इसके अलावा नन्ही लोक गायिका आरू साहू के साथ मैंने 2 प्रोजेक्ट किया मेरे पहला छत्तीसगढ़ी एल्बम गाना *सुरूक सूरूक चाय ला कईसे पिथस काकी*  लिखा है बसंत साहू जी नगरी जो सुंदरानी वीडियो वर्ड में रिलीज हुवा जो हमारी सुप्रसिद्ध नन्ही लोक गायिका आरु साहू ने गाया और साथ act भी किया जिसमे मैंने काकी का किरदार निभाया मेरे पति संजीव कुमार साहू ने कका का किरदार निभाया *दाई के सुरता* जिसे लिखा है विभाश्री साहू जी जो अभी USA में रहती है मगर हमारे छत्तीसगढ़ की बेटी है यूट्यूब चैनल आरू साहू इसमें मुझे मां का किरदार निभाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ *लिखबो नवा कहानी*  गायक  प्रदीप तिवारी गायिका कंचन जोशी जी डायरेक्टर लोकेश ,कल्याण साहू यूट्यूब चैनल ABR Film productionमें रिलीज हुवामुझे हसदेव अरण्य बचाओ अभियान के छत्तीसगढी एल्बम song  *कोन बचाही हसदेव  ला* जिसे लिखे और आवाज दिए है संजय वर्मा भाठापारा,डायरेक्शन  जीत साहू है जो यूट्यूब चैनल रंगमंच में रिलीज हुवा उसमे मुझे मुख्य भूमिका निभा  कर save हसदेव में भाग लेने का  मौका मिला मुझे इस गाने में कुछ अलग ही पहचान मिली समाज के प्रति प्रेरणा दायक के रूप में सम्मान मिला मेरे साथ साथ इस गाने में मेरा बेटा कान्हा साहू और पति संजीव कुमार साहू भी है मेरे प्रायः सभी गाने में मेरे पति ही मेरे साथ हीरो के रूप में आते है एसे ही मैने अभी बहुत से छत्तीसगढ़ी पारंपरिक गाना लिखा है जिसे मैं बहुत जल्द आप सभी के सपोर्ट से ही सब के सामने लाऊंगी 

*मैने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई* मेरी अभी तक तो कोई फिल्म नहीं आई है मगर बहुत जल्द ही आ जाएगी वो भी बॉलीवुड, मैं एक फिल्म कर रही हू जो अभी जारी है फिल्म का नाम है *मेरा संघर्ष* यह फिल्म कांशी फिल्म प्रोडक्शन मुंबई के बैनर तले बन रही यह मछुवारो की जीवनी के बारे में असली कहानी पर आधारित है ये पूरे देश में अलग अलग सात भाषाओं में रिलीज होगी जिसमे मुझे एक अहम भूमिका निभाने का मौका मिला इस फिल्म मुझे छत्तीसगढ़ के बेहत प्रसिद्ध कलाकार जो अब छोलीवुड के साथ साथ बॉलीवुड में बेहतरीन एंट्री कर चुके है ओंकारदास मानिकपुरी जी जिसे सब पिपली लाइव में नत्था जी और भुलन द मेज में भकला के रूप में मुख्य भूमिका निभाते हुवे देखा उनकी पत्नी और बचपन का प्यार वाला सहदेव के मां का किरदार मिला है 
एसे ही मुझे आप सभी का प्यार दुलार आशीर्वाद मिलते रहे तो हमेशा आगे आती ही रहूंगी
मुझे मेरा पहला कवि सम्मेलन मंच मिला मेरे गांव जुनवानी में ही मुझे इस मंच से निखरने का अवसर प्राप्त हुवा
 *आज मेरे पापा रहते तो मुझे इस मुकाम पर देख कर बहुत खुश होते
 *मोर उद्देश्य हे की अपन छत्तीसगढी परंपरा ला बचाना*  *भूले बिसरे लोग ला अपन छत्तीसगढ़ के पहचान बताना*
 *बिंदास बहुरानी*  संजीवंदना साहू

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
Exit mobile version