हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष सावन माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर तीज का त्योहार मनाया जाता है इसे हरियाली तीज या श्रावणी तीज भी कहते हैं. इसमें सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और कुंवारी लड़कियां अच्छे वर की कामना के साथ यह व्रत रखती हैं. इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां पहनती हैं. इस साल हरियाली तीज 31 जुलाई को यानी आज है.
हरियाली तीज आज तीन विशेष योग में मनाया जाएगा। श्रावण शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को सिंघाड़ा तीज, मधु सर्वा जयंती नाम से जाना जाता है। हरियाली तीज का व्रत माता पार्वती और भगवान शिव को समर्पित है। यह व्रत शिव पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए एक सौ सात जन्म तक घोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रभावित होकर के भगवान शिव ने 108 वें जन्म में माता पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया था। तभी से श्रावण शुक्ल तृतीया को हरियाली तीज का व्रत पर्व मनाया जाता है। आचार्य शुक्ला ने बताया कि इस व्रत को करने से सौभाग्यवती स्त्रियों को पति की दीर्घायु प्राप्त होती है। षोडशोपचार पूजा करने के बाद मां पार्वती का सोलह शृंगार करना चाहिए। ऐसा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वर्ष हरियाली तीज पर पूजा का मुहूर्त सुबह 6:30 बजे से 8:30 बजे तक, प्रदोष काल के समय शाम 6:30 बजे से और 8:50 बजे तक रहेगा। हरियाली तीज का व्रत कई परंपराओं से जुड़ा है। इसमें महिलाओं का मायके जाना, झूला झूलना, अपने वरिष्ठ जनों का आशीर्वाद प्राप्त करना, उन्हें उपहार देना आदि चीजें की जाती हैं।

