फेस बुक लाईव कार्यक्रम अपनों से अपनी बात में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने राज्य के 5 लाख से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के पांच दिवसीय हड़ताल पर अपना वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि राज्य के अधिकारी कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ होते हैं। महंगाई भत्ता उनके वेतन का हिस्सा होता है मुख्यमंत्री को बड़ा दिल रखते हुए इस बात की चिंता करनी चाहिए कि अगर उनका आर्थिक माडल अच्छा है तो सरकार को अघोषित वेतन कटौती बंद करते हुए सातवें वेतनमान पर एच.आर.ए. एवं 32 प्रतिशत महंगाई भत्ता का ऐलान करना चाहिए।
अमर अग्रवाल ने राज्य के सबसे बड़े स्कूल शिक्षा विभाग की दशाए दिशा और दुर्दशा पर कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षा खाट पर लेट गई है। पीजीआई इंडेक्स हो या नेशनल अचीवमेंट सर्वे की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ की सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता दिनोंदिन गिरावट की ओर है। मॉनिटरिंग का कोई सुदृढ़ तंत्र नही हैं।
उन्होंने कहा कि छ0ग0 में सरकारी शिक्षा का बुरा हाल है। शिक्षा विभाग के प्रभारी प्रधान सचिव द्वारा किलोल पत्रिका के नाम पर 5500 से संकुलों से ₹10000 प्रति संकुल वसूली करवाएं किंतु पत्रिका आज तक संकुल में नहीं आई है। सरकार प्रयोगशाला से भी ज्यादा शिक्षकों से सैकड़ों काम लेती हैं उसके बावजूद प्रभारी सचिव के द्वारा निकम्मा नालायक कहा जाना कौन से कार्य की संस्कृति है। सरकार को इस पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाही करनी चाहिए। भारतीय जनता पार्टी के शासनकाल में शिक्षकों की भर्तीए विभाग के संचालन के लिए आवश्यकतानुसार बजट का आवंटनए शिक्षा गुणवत्ता सुधार, पूरक पोषण आहार योजनाए साइकिल वितरण योजनाए मेधावी छात्र सम्मान योजनाए लैबए लाइब्रेरीए खेल का मैदानए बच्चों को छात्रवृत्तिए गणवेश पुस्तक का निशुल्क वितरण आदि अनेकों योजनाएं प्रारंभ की गई। 1998 में पंचायत से भर्ती हुए शिक्षकों को शिक्षक का पद नाम दिलायाए सातवां वेतनमान लागू कियाए समय पर वेतन जारी होने की सुविधा दिलवाईए जुलाई 2018 से डेढ़ लाख शिक्षकों के संविलियन की प्रक्रिया को साकार किया गया।

