राज्य में ही नेत्रदान को बढ़ावा देकर कार्निया ट्रांसप्लांट के लिए जरूरत पूरी की जा रही, अब तक दूसरे राज्य से कॉर्निया मंगाने की जरूरत नहीं पड़ी

मृत्यु के 6 घंटे के भीतर कर सकते हैं नेत्रदान, एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन देख सकते हैं दुनिया

अपने नजदीकी नेत्रबैंक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल या जिला चिकित्सालय में कर सकते हैं नेत्रदान

छत्तीसगढ़ में कॉर्निया दृष्टिहीनता मुक्त राज्य योजना के अंतर्गत अब तक 281 लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई गई है। वर्ष 2019 में हुए सर्वेक्षण के अनुसार कॉर्निया की सफेदी के कारण दृष्टिहीन 1069 रोगी राज्य में चिन्हित किए गए थे। नेत्रदान को बढ़ावा देने हर वर्ष 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। प्रदेश में कॉर्निया की सफेदी के कारण दृष्टिहीन रोगियों को ठीक करने कॉर्निया दृष्टिहीनता मुक्त राज्य योजना वर्ष 2019 से संचालित की जा रही है। वैश्विक महामारी कोरोना के कारण इसकी गति में कुछ व्यवधान आया। इस योजना में एन.जी.ओ. तथा निजी क्षेत्र के नेत्र चिकित्सालयों ने भी कॉर्निया की सफेदी के कारण दृष्टिहीन लोगों की सूची में शामिल लोगों के निःशुल्क ऑपरेशन की सहमति दी है।

राज्य में 281 कॉर्निया दृष्टिहीनों के ऑपरेशन किए जा चुके हैं। कॉर्निया दृष्टिहीनता मुक्त राज्य योजना की शुरूआत के समय 2019 में दूसरे जिले से आए हुए प्रतीक्षारत रोगी के लिए आवश्यकता पड़ने पर अन्य राज्य से कॉर्निया मंगाकर लगाने का प्रावधान किया गया था। किन्तु छत्तीसगढ़ में दूसरे राज्य से कॉर्निया मंगाने की कभी आवश्यकता नहीं पड़ी। वर्तमान में इस प्रावधान को खत्म कर दिया गया है। एक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर “छत्तीसगढ़ कॉर्निया खरीदने वाला पहला राज्य बनेगा” भ्रामक है, क्योंकि योजना के तहत वर्तमान में इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है।

राज्य में ही नेत्रदान को बढ़ावा देकर कार्निया ट्रांसप्लांट के लिए जरूरत पूरी की जा रही है। राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों तथा प्रबुद्ध नागरिकों ने नेत्रदान की घोषणा की है। इससे अन्य नागरिक भी नेत्रदान के लिए प्रेरित हो रहे हैं। नेत्रदान को बढ़ावा देने समाचार पत्रों एवं मीडिया संस्थानों द्वारा भी उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं।

नेत्रदान मृत्यु के बाद होता है। मृत्यु के छह घण्टे के अंदर नेत्रदान हो जाना चाहिए। नेत्रदान के लिए चिकित्सक द्वारा स्वयं घर जाकर नेत्र निकाले जाते हैं जो कि निःशुल्क होता है। यदि किसी ने मृत्यु के पहले नेत्रदान की घोषणा नहीं की हो, फिर भी रिश्तेदार मृत व्यक्ति का नेत्रदान कर सकते हैं। नेत्रदाता को मृत्यु पूर्व एड्स, पीलिया, कैंसर, रेबीज, सर्पदंश, सेप्टीसिमिया, टिटेनस तथा हेपेटाइटिस जैसी बीमारी है तो उसके नेत्र नेत्रदान के लिए अयोग्य समझे जाते हैं। नेत्र ऑपरेशन पश्चात तथा चश्मा पहनने वाले व्यक्ति भी नेत्रदान कर सकते हैं। मधुमेह के मरीज भी नेत्रदान कर सकते हैं। एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो दृष्टिहीन दोबारा दुनिया देख सकते हैं।

नेत्रदान के लिए अपने नजदीक के नेत्रबैंक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल या जिला चिकित्सालय में संपर्क कर सकते हैं। नेत्रदान के लिए डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के फोन नं. 0771-2890067, सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर के फोन नं. 07752-222301, गणेश विनायक आई हॉस्पिटल रायपुर के फोन नम्बर 0771-4077741 और 0771-4077742, श्री अरविंदो नेत्रालय पचपेड़ी नाका, रायपुर के फोन नम्बर 0771-2537773 एवं 0771-2537774, एम्स (AIIMS) रायपुर के फोन नम्बर 0771-2577389 तथा अभिषेक मिश्रा मेमोरियल आई बैंक, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भिलाई के फोन नम्बर 0788-4088855 पर संपर्क किया जा सकता है।

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