सदियों से हल्दी नीम को स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता रहा है. योग में इसे जीवनदायनी का नाम दिया गया है. ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सदगुरु का कहना है कि दोनों के एक साथ सेवन करने से शरीर में ऊर्जा का विकास होता है. ये आपके सिस्टम पर प्रभाव डालता है. उनका कहना है कि नीम भारतीय उपमहाद्वीप का पेड़ है. इसकी पत्तियों में कई जटिल रसायनिक शामिल हैं. उनका कहना है कि आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में नीम के गुणों को अनदेखा किया गया है. नीम को अगर हल्दी के साथ लिया जाए तो शरीर में हानिकारक किटाणु नष्ट हो जाते हैं. इससे आपकी पाचन क्रिया बेहतर होती है. इसके साथ मलाशय से छुटकारा मिलता है. सदगुरु का कहना है कि हर दिन खाली पेट नीम हल्दी खाकर हल्का गुनगुना पानी पीने से आपको बेहतर परीणाम मिलेंगे. नीम हल्दी से आपकी ऊर्जा सामान रूप से बटती है. आप इस ऊर्जा को सामान रूप से अपने शरीर के विभिन्न भागों में उपयोग कर सकते हैं. खाली पेट हल्दी नीम खाने से शरीर अलग तरह से रिस्पांस करता है. इससे शरीर में ओजस का विकास होता है. ओजस उस ऊर्जा को कहते हैं, जो शरीर में खास तरह की ताकत का संचार करता है.
क्या होता है ओजस
ओजस आपके शरीर की ऊर्जा पर निर्भर करता है. ओजस शरीर की ताकत की ओर इशारा करता है. सदगुरु का कहना है कि हम जो खाते हैं, उसके एक हिस्से से ओजस तैयार होता है. एक साधक बड़े पैमाने पर ओजस हो तैयार करता है. भोजन की पाचन क्रिया सही ढंग से होने से इसका विकास होता है. अधिकतर लोगों की अनियमित दिनचर्या भोजन का सही तरह से सेवन न करने से ओजस में गिरावट आती है. शरीर कई बीमारियों का शिकार होता है.
नीम हल्दी का कैसे करें सेवन
सदगुरु बताते हैं कि नीम हल्दी का पेस्ट बनाने के लिए बराबर मात्रा में इसे लें. इसकी पत्तियों को हल्दी के साथ मिलाकर कुछ पानी के साथ पेस्ट में बना लें. इस पेस्ट की छोटे-छोटे हिस्से में बांटकर गोलियां तैयार कर लें. सुबह उठकर इसका सेवन गुनगुने पानी से करें तो आपकी पाचन किया ऊर्जा पर अच्छा असर पड़ेगा.

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