छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनीज अभियंता संघ के महासचिव इंजीनियर,मनोज वर्मा का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से की सौजन्य मुलाकात। इस अवसर पर इंजीनियर मनोज वर्मा, अभियंता संघ के महासचिव द्वारा विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में उत्तोतर विकास हेतु एक प्रतिवेदन भी मुख्यमंत्री को दिया गया एवम वर्तमान में विद्युत उत्पादन से संबंधित वर्तमान स्थिति की भी जानकारी दी गई जिसके तहत मुख्यमंत्री को बताया गया कि भारत सरकार पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी कठोर पर्यावरणीय मानदंडों के कारण विगत वर्ष छग स्टेट पावर उत्पादन कंपनी के कोरबा पूर्व में स्थापित 440 मेगावॉट क्षमता के पावर प्लांटों को बंद कर दिए गए है। इसलिए उत्पादन कंपनी के भविष्य एवम समस्त अधिकारी/कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा जारी नवीन पर्यावरणीय मानदंडों के अनुरूप उच्च तकनीक के सुपर क्रिटिकल नवीन ताप विद्युत परियोजना जैसे कोरबा पश्चिम में अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल क्षमता के 2×660 मेगावाट के ताप विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए मांग की गई है।
मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि कोरबा पश्चिम में ताप विद्युत परियोजना स्थापित करने के लिए मूलभूत आवश्यकताएं जैसे कि पानी, कोयला, पहले से निर्मित आधारभूत संरचना, रेल connectivity आदि होने के कारण कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह में उपलब्ध जमीन पर 2x660MW क्षमता के ताप विद्युत परियोजना स्थापित करना प्रदेश के हित में, युवाओं के रोजगार के दृष्टि से एवम जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के दृष्टि से बहुत ही उपयुक्त होगा। इससे छग में निकट भविष्य में बढ़ती बिजली की मांग की भरपाई की जा सकेगी।
छग स्टेट विद्युत उत्पादन कंपनी प्रारम्भ से ही एकमात्र उद्देश्य, जनहित के लिए सस्ती बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर कार्य करते आ रही है। मुख्यमंत्री से विनम्र निवेदन करते हुए मांग किया गया कि जनता के हित को ध्यान में रखते हुए Ensuring Access to Affordable, Reliable, Sustainable and Modern Energy for All के vision में आगे बढ़ने के लिए उचित पहल हो।
मुख्यमंत्री जी से विस्तृत चर्चा के उपरांत 2×660 मेगावाट सुपर क्रिटिकल नवीन ताप विद्युत परियोजना की स्थापना के लिए बहुत ही सकारात्मक आश्वशन मिला, इस पर महासचिव , छग विद्युत मंडल अभियंता संघ द्वारा संघ के सभी सदस्य अभियंताओं की ओर से मिले आश्वाशन के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया गया।

स्वयं के विद्युत संयंत्र स्थापित करने से राज्य को होने वाले फायदे

1.सस्ती बिजली

विद्युत उत्पादन कंपनी के पास स्वयं की जमीन है जिसमें संयत्र कम लागत पर लग सकते हैं जिससे कि तुलनात्मक रूप से राज्य को सस्ती बिजली स्वयं के संयंत्र से उपलब्ध होगी, जो राज्य के सर्वागीण विकास में सहायक होगी।

2.निःशर्त बिजली

विद्युत उत्पादकों को बिजली के बिल का भुगतान अनिवार्य रूप से करना पड़ता है और न करने की स्थिति में आपूर्ति रोक दी जाती है परन्तु यह स्थिति स्वयं के संयंत्रों के साथ नहीं आती जिससे कि राज्य में बिजली की आपूर्ति की निरंतरता सुनिश्चित की जा सकती है ।

3.आवश्यकतानुसार बिजली

चूंकि बिजली को आवश्यकतानुसार ही उत्पादित किया जाता है, अतः स्वय के बिजली घरों पर सरकार का नियंत्रण रहता है ।

4.स्थानीय रोजगार /विकास

तुलनात्मक रूप से स्वयं के संयंत्र स्थापित करने से प्रदेश में ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित होते हैं साथ ही स्थानीय बाजार का भी विकास होता है जो राज्य के हित में होता है।

छग स्टेट विद्युत उत्पादन कंपनी के कुल स्थापित क्षमता में विस्तार प्रदेश की निकट भविष्य में बढ़ती बिजली की मांग-आपूर्ति को ध्यान में रखते हुए, अनिवार्य हो गया है। परियोजना के विस्तार से छग राज्य में एक तरफ युवाओं के लिए रोजगार बढेगा साथ साथ प्रदेश में जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध भी करायी जा सकेगी।

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