छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि भूपेश सरकार राज्य के बुजुर्ग पेंशनरों को केन्द्र के समान महँगाई राहत देने के मामले में विगत ढाई-तीन वर्षों से लगातार तड़पा रही है,पेंशनर संगठनों के धरना,प्रदर्शन,ज्ञापन,चर्चा आदि के माध्यम से गुहार का सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है जारी विज्ञप्ति में नामदेव ने आगे बताया है कि राज्य सरकार केन्द्र सरकार के बराबर महंगाई राहत देने में भेदभाव कर रही है। केन्द्र सरकार द्वारा 34% प्रतिशत महंगाई भत्ता 1 जनवरी 22 से दिया जा रहा है,और इसी अनुरुप देश के करीब अन्य सभी राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के देय तिथि से एक बराबर महंगाई भत्ता व महँगाई राहत दें रहें हैं,परन्तु छत्तीसगढ़ सरकार इस मामले में केंद्र व अन्य राज्य सरकारों बहुत पीछे हैं जहां राज्य सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को महंगाई भत्ता 28% प्रतिशत और पेंशनरों को राज्य कर्मचारियों से भी कम केवल 22% प्रतिशत मंहगाई राहत का आदेश है। जबकि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राज्य के खजाने से केन्द्र के बराबर महँगाई भत्ता के आदेश अपने लिये स्वयं अपने ही करकमलों से कर चुके हैं। यह भी अजीब विडंबना है राज्य में बिजली कर्मचारियों को केंद्र के बराबर महँगाई भत्ता दिया जा रहा है। भूपेश सरकार के इस अफसरशाही रवैया से राज्य के पेन्शनर दुखी और आक्रोशित है। जारी संयुक्त विज्ञप्ति में पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, पेंशनर्स महासंघ प्रदेश अध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन के यशवन्त देवान, पेन्शनर समाज के अध्यक्ष ओ पी भट्ट तथा वरिष्ठ नागरिक परिसंघ छत्तीसगढ़ के संयोजक अनूप श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग किया है कि अन्य राज्य सरकारों की तरह छत्तीसगढ़ राज्य में राज्य सेवा के अधिकारियों व कर्मचारियों को केन्द्र के समान 34% महंगाई राहत देने के आदेश जारी करने की मांग की है।

Share.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
Exit mobile version