जिला प्रशासन ने अवैध प्लाटिंग पर सख्त रुख अपना लिया है। रायपुर कलेक्टर ने सात जोन के 398 भूखंडों की खरीदी-बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यानी इन भूखंडों की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। रजिस्ट्री कार्यालय द्वारा उक्त खसरा नंबरों को ब्लाक कर दिया जाएगा। कोई भी इन भूखंडों को खरीदने या बेचने के लिए पंजीयन का अपाइंटमेंट लेगा तो निरस्त कर दिया जाएगा। बिना टीएनसी व लेआउट अप्रूवल के भूखंड सस्ते दाम में मिलते हैं, जिसकी वजह से लोग फंस जाते हैं। अवैध प्लाटिंग में जमीन लेने वालों को निगम और बिजली विभाग की ओर से भी कोई सुविधा नहीं दी जाती है।
मिली जानकारी के अनुसार जोन एक में 27, जोन पांच में 38, जोन छह में 35, जोन सात में 23, जोन आठ में 93, जोन नौ में 50 और जोन 10 में 132 भूखंडों की खरीदी बिक्री पर रोक लगाई गई है।
लेकिन बैन हुए खसरों की जानकारी नहीं मिल पाने से प्लाट खरीदने वाले असमंजस में पड़ रहे हैं। सालभर में सबसे ज्यादा प्लाटों की बिक्री नवरात्रि-दीपावली से पहले के महीनों में होती है। सीजन की सबसे ज्यादा खरीदी-बिक्री का समय चल रहा है। कई खरीदारों ने प्लाटों की बुकिंग के लिए बयाना राशि भी दे दिए हैं। 398 भूखंडों की खरीदी-बिक्री पर रोक की खबर पाते ही खरीदार हड़बड़ाए हुए हैं।
