एम. डी. एजुकेशन सोसायटी सरायपाली एवं श्री मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ के सँयुक्त तत्वावधान में शिक्षक दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय सम्मान समारोह का वर्चुअल कार्यक्रम श्री मौनतीर्थ उज्जैन मध्यप्रदेश के पीठाधीश्वर संतश्री डॉ. सुमनभाई जी के मुख्य आतिथ्य ,सहायक निदेशक केंद्रीय हिंदी निदेशालय मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ली की अध्यक्षता एवं ओद्योनिकी एवम वानिकी विश्वविद्यालय शिमला हिमाचल प्रदेश की,डॉ.पी.आर.वासुदेवन शेष सेवानिवृत्त केंद्रीय हिंदी अधिकारी चेन्नई तमिलनाडु की विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। समस्त अतिथि गण वर्चुअल रूप से मंच पर उपस्थित रहे।कार्यक्रम का प्रारम्भ राष्ट्रगान एवं देश के पूर्व महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद महोदय जी के शिक्षकों के प्रति रिकार्डेड सन्देश से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सुमनभाई जी के द्वारा गुरु के ब्रह्मा,विष्णु एवं शिव स्वरूप की व्याख्या की गई,कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ दीपक पांडेय द्वारा गुरु की महिमा की बखान करते हुए श्रद्धा और विश्वास के माध्यम से नयी पीढ़ी के शिक्षकों को उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रेरित किया। विशिष्ट अतिथि डॉ वी के शर्मा के द्वारा शैक्षिक प्रक्रिया में पालक,शिक्षक और बालक के पिरामिड सम्बन्ध की व्याख्या करते हुए चयनित शिक्षकों को बेहतर कार्य जारी रखने हेतु आव्हान किया गया।
कार्यक्रम में आयोजन समिति के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों से ऑनलाइन प्रविष्टि मंगायी गयी थी।निर्धारित चयन मापदंड शैक्षणिक चेतनशीलता,शिक्षा गुणवत्ता, साक्षरता वृद्धि,,व्यक्तित्व विकास,बेहतर अध्यापन, तथा शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका के अनुसार देश भर से प्राप्त 327 प्रविष्ठियों में से प्रावीण्यता के आधार पर 02 शिक्षकों का चयन कर शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय गौरव सम्मान 2022 एवं 11 शिक्षकों का चयन शिक्षा शिल्पी राष्ट्रीय सम्मान की मानद उपाधि के अलंकरण से अलंकृत किया गया| मेण्ड्रा छत्तीसगढ़ से बिसेलाल गायकवाड़ को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु एक शिक्षक के रूप में बेहतर सक्षमता व सक्रियता के लिये सम्मानित किया गया। साथ ही शिक्षक बिसे लाल अपने विद्यालय में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का कॉपी पेन पेंसिल देकर सहयोग करते हैं एवं शैक्षिक में कमजोर बच्चों के लिए उपचारात्मक शिक्षा की भी व्यवस्था करते हैं | उनके द्वारा उनके विद्यालय में 300 से अधिक सहायक शिक्षण सामग्री का निर्माण एवं 50 से अधिक शैक्षणिक खिलौने का निर्माण किया गया है जिससे बच्चे खेल-खेल में सीखते हैं | कार्यक्रम का संचालन डॉ. अनिल प्रधान एवं बासंती प्रधान द्वारा किया गया।कार्यक्रम सम्पादन में एम डी एजुकेशन सोसायटी के डायरेक्टर मनोज प्रधान, श्री मौनतीर्थ हिंदी विद्यापीठ प्रादेशिक शाखा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष महेंद्र पसायत, चयनकर्ता समिति के सदस्यगण वरिष्ठ हिंदी अध्यापक डॉ.मलकप्पा अलियास महेश कर्नाटक,राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानीत शिक्षक डॉ. अखिलेश चन्द्र चमोला उत्तराखण्ड, साहित्यकार एवं शिक्षाविद धर्मेश जोशी गुजरात एवं शिक्षक विपिन कुमार भट्ट राजस्थान का उल्लेखनीय योगदान रहा। शिक्षक बिसे लाल को जिला शिक्षा अधिकारी कोरिया श्री संजय गुप्ता सर डीएमसी श्री मनोज कुमार पांडे सर एपीसी श्री राजकुमार चापेकर सर विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री द्वारिका प्रसाद मिश्रा सर सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता सर ने बधाई दिया है एवं समय-समय पर इनके मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहता है|
