बेहतर और सभ्य समाज के लिए रावण रूपी बुराई को समूल नष्ट करना होगा
सुश्री अनुसुईया उइके भिलाई के रिसाली स्थित दशहरा मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में हुईं शामिल
रायपुर.
शाही दशहरा उत्सव महिला समिति भिलाई द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए, वहां उपस्थित सभी लोगों को एवं देश-प्रदेश के सभी जनमानस को दशहरा उत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने राम, सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का रूप धारण किए हुए बच्चों को भी विशेष रूप से बधाई दीं। उन्होंने कहा कि यह जनमानस के लिए हर्ष और उल्लास का पर्व है। इस दिन देश भर में मेले का, रामलीला का आयोजन होता है। उन्होंने कहा कि दशहरा अथवा विजयादशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए अथवा दुर्गा पूजा के रूप में, दोनों ही रूपों में बुरी शक्तियों का अंत और भगवान के पवित्र एवं अदम्य शक्ति की पूजा का पर्व है। इसलिए हम बुराई के प्रतीक, रावण का पुतला बनाकर उसे जलाते हैं। ताकि समाज बुराई के प्रति संवेदनशील हो और असत्य और बुराई को नाश करने की क्षमता प्रकट हो। हम काम, क्रोध, लोभ, मोह,घृणा, द्वेष, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी जैसे बुराईयों से मुक्त हो सकें और एक बेहतर तथा सभ्य समाज का निर्माण हो सके। इसलिए इस दिन हम बुरी शक्तियों को नाश करने वाले शस्त्रों की पूजा करते हैं और नवीन कार्याे का आरंभ भी करते हैं।
इस अवसर पर राज्यपाल ने विगत दस वर्षों से इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाली शाही दशहरा उत्सव महिला समिति की सराहना की। समिति में सभी कार्य महिलाओं द्वारा किए जाने एवं रावण दहन का कार्यक्रम भी पुरूषों के इतर महिलाओं द्वारा किए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की, और कहा कि यह समिति दूसरे महिलाओं को भी प्रेरित करता है। राज्यपाल ने समिति द्वारा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक,पर्यावरण एवं शैक्षणिक क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए खुशी जाहिर किया।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ सरोज पाण्डेय ने भी सभा को संबोधित करते हुए सभी को बधाई दीं। और कहा कि दशहरा का पर्व हमें सत्य की जीत की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि भारत एक सांस्कृतिक रूप से समृ़द्धशाली देश है। दशहरा पर्व में रामलीला एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम युवापीढ़ी को भारतीय संस्कृति से परिचित कराता है।
इस अवसर पर शाही दशहरा उत्सव महिला समिति भिलाई की संरक्षक श्रीमती चारूलता पाण्डेय, पूर्व मंत्री सुश्री रमशीला साहू, पूर्व संसदीय सचिव श्री लाभचंद बाफना, महिला आयोग की सदस्य सुश्री तुलसी साहू एवं शाही दशहरा समिति के अन्य सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

