एनएबीएल द्वारा प्रदेश के उद्यमियों को परीक्षण प्रयोगशालाओं की अधिमान्यता हेतु मानदण्डों, प्रक्रियाओं तथा नियमों की जानकारी दी गई

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय ‘‘एग्री कार्नीवाल 2022’’ के अंतिम दिन आज यहां कृषि विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के सहयोग से परीक्षण प्रयोगशालाओं की अधिमान्यता हेतु मानदण्डों, प्रक्रियाओं तथा नियमन के संबंध में जागरूकता सम्मेलन ‘‘जांच से समाधान’’ आयोजित किया गया जिसमें छत्तीसगढ़ के उद्यमी एवं व्यवसायी, प्रगतिशील कृषक और वैज्ञानिकों ने सहभागिता की। जागरूकता सम्मेलन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एन. वेंकटेश्वरण थे और समारोह की अध्यक्षता इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने की। इस अवसर पर श्री वेंकटेश्वर ने कहा कि एनएबीएल भारत में कृषि फसलों से लेकर हवा, पानी, मिट्टी, खाद, उर्वरक, पेस्टीसाईड, पैथोलॉजी लैब और इंजीनियरिंग तथा उद्योग संबंधी सभी प्रकार की टेस्टिंग के लिए विभिन्न प्रयोगशालाओं को अधिमान्यता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि एनएबीएल पहले एक सोसाइटी के रूप में कार्यरत था वर्ष 2016 से भारत सरकार द्वारा इसे परीक्षण प्रयोगशाला के नियामक बोर्ड के रूप में मान्यता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि एनएबीएल द्वारा देश भर में 8 हजार से अधिक परीक्षण प्रयोगशालाओं को अधिमान्यता प्रदान की गई है।
श्री वेंकटेश्वर ने बताया कि कोविड-19 काल के दौरान एनएबीएल की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हुई। उन्होंने बताया कि एनएबीएल द्वारा देशभर में संचालित सभी प्रकार की प्रयोगशालाओं में लागू जांच प्रक्रिया का परीक्षण करने के बाद उन्हें मान्यता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में संचालित फाइटोसैनिटरी लैब को एनएबीएल द्वारा अधिमान्यता प्रदान की गई है। इस अवसर पर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ गिरीश चंदेल ने कहा कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में स्थापित फाइटोसैनिटरी लैब में कृषि, उद्यानिकी फसलों तथा लघु वनोपज फसलों में 168 तरह के पेस्टिसाइड रेसिड्यू की जांच को कैनेडियन द्वारा मान्यता प्रदान की गई है जिससे छत्तीसगढ़ से इन फसलों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। जागरूकता सम्मेलन के दौरान प्रतिभागियों को कृषि, मेडिकल, इंजिनियरिंग, उद्योग तथा अन्य किसी भी क्षेत्र में परीक्षण प्रयोगशालाओं की अधिमान्यता हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं, मापदण्डों तथा नियमों की जानकारी दी गई। सम्मेलन में उपस्थित उद्यमियों, किसानों, वैज्ञानिकों की जिज्ञासाओं का समाधान एनएबीएल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया। कार्यशाला में एनएबीएल की संचालक द्वय सुश्री मल्लिका गोपे एवं सुश्री अनुजा आनंद संयुक्त संचालक सुश्री अनिता रानी, संचालक अनुसंधान डॉ. विवेक त्रिपाठी तथा कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. के.एल. नंदेहा, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

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