नई दिल्ली। सीरियल किलर और कई राज्यों का वांटेड किडनी रैकेट का सरगना डॉ देवेंद्र शर्मा एक बार फिर पुलिस के हत्थे चढ़ा है। आरोपी राजस्थान के मर्डर केस में पैरोल पर बाहर आ कर फरार हो गया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इसे बापरौला इलाके से गिरफ्तार किया। वहां पर ये पहचान बदलकर रह रहा था। पुलिस के अनुसार डॉ दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 50 से अधिक ट्रक और टैक्सी चालकों की हत्या और अपहरण के केस में वांटेड रह चुका है। इसके अलावा वह यूपी में दो बार फर्जी गैस एजेंसी चलाने के जुर्म में भी पकड़ा जा चुका है। डीसीपी राकेश बावरिया के अनुसार डॉक्टर देवेंद्र शर्मा मूल रूप से अलीगढ़ का रहने वाला है। उसके पास बीएएमएस की डिग्री है। आरोपी ने करीब 50 हत्याओं की बात कबूली है। हालांकि उस समय मीडिया रिपोर्ट में आंकड़ा 100 से ज्यादा बताया गया था। आरोपी 2002 से 2004 के बीच कई मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया। आधा दर्जन केस में से सजा भी हो चुकी है। जयपुर के एक मर्डर केस में इसे उम्र कैद की सजा हुई थी। करीब 16 साल जेल में रहने के बाद इसे जनवरी में 20 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। इसकी पत्नी और बेटा भी इसके अपराधिक गतिविधियों के कारण 2004 में ही से नाता तोड़ चुके हैं। आरोपी पैरोल जंप करने के बाद अपने पड़ोसी गांव में कुछ दिन रहकर मार्च माह में जानकार के मोहन गार्डन स्थित में रहा। हाल ही में इसने एक विधवा से शादी की थी और बापरोला में रह रहा था। आजकल वह प्रॉपर्टी के धंधे में हाथ आजमा रहा था। इसमें कुछ दिन पहले ही कनॉट प्लेस के एक मार्शल हाउस की डील जयपुर के एक शख्स को फंसाने के इरादे से करने की बात भी कबूली है। डॉ को हत्या के कई मामलों में सजा हो चुकी है। वह जयपुर राजस्थान की सेंट्रल जेल में बंद था। इसी साल जनवरी में वह पैरोल पर बाहर आया था, लेकिन पैरोल की तय समय अवधि के बाद सरेंडर करने के स्थान पर फरार हो गया था। क्राइम ब्रांच की नारकोटिक्स सेल ने इसे बापरौला से गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला है कि डॉ शर्मा ने सिवान बिहार से बीएएमएस की डिग्री हासिल की थी। 1984 से करीब 11 सालों तक इसने जयपुर में जनता हॉस्पिटल के नाम से क्लीनिक चलाया। 1994 में भारत की कंपनी की तरफ से गैस डीलरशिप की योजना शुरू की। देवेंद्र ने भी इसमें करीब 1100000 का निवेश किया था, लेकिन कंपनी ने हजारों इन्वेस्टर्स को धोखा दिया और बंद हो गई। डॉक्टर देवेंद्र शर्मा गैस एजेंसी की डीलरशिप में हुआ लाखों का घाटा पूरा करने के लिए किडनी रैकेट में शामिल हो गया। इस रैकेट के तार जयपुर से शुरू होकर गुरुग्राम तक फैलते चले गए। 1994 से 2004 के बीच इसने करीब 125 के किडनी अवैध तरीके से ट्रांसप्लांट करवाई। एक केस के 5 से 7 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। 2004 में गुरुग्राम किडनी रैकेट केस में इसे गिरफ्तार किया गया था। यह रैकेट अनमोल नर्सिंग होम में डॉक्टर अमित द्वारा चलाया जा रहा था। (एजेंसी)
बिग ब्रेकिंग : किडनी रैकेट का सरगना चढ़ा पुलिस के हत्थे, 50 हत्या की बात आरोपी ने कबूला…
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