ऐसा माना जाता है कि जिस दिन किसी जीव या इंसान का जन्म होता है उसी दिन से यमराज उसके पीछे लग जाते हैं. उसके बाद मौत का समय आने पर इस दुनिया से उसे अपने साथ लेकर चले जाते हैं. मृत्यु के बाद का सफर कैसा होता होगा इसके बारे में कोई नहीं जानता लेकिन इसे लेकर दुनिया भर में कई मान्यताएं हैं. यही नहीं मृत्यु के बाद पीछे जो रह गया है उस का क्या होगा या यू कहें कि मरने वाले व्यक्ति की चीजों का क्या होगा, इसके पीछे भी कई धारणाएं है. ज्यादातर परिजन अपने प्रिय के मरने के बाद उनकी चीजों का इस्तेमाल करते हैं तो कुछ लोग इन्हें नष्ट कर देते हैं. लेकिन असल में इन चीजों का क्या करना चाहिए ये कोई नहीं जानता. आज हम आपको ऐसी ही तीन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए. गरुड़ पुराण के मुताबिक, मृत व्यक्ति की तीन चीजों का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए.
मृत व्यक्ति के वस्त्रों का न करें इस्तेमाल
कपड़े- गरुड़ पुराण के मुताबिक, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके वस्त्रों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. मृत व्यक्ति के वस्त्रों का भूलकर भी अपने शरीर पर धारण नहीं करना चाहिए. अगर आप मरे हुए व्यक्ति के कपड़े पहनते हैं तो उसकी आत्मा आपके शरीर के साथ जुड़ जाती है. ऐसा मान जाता है कि ऐसा करने से मृत व्यक्ति की यादें आपको सताने लगती है. लेकिन आप मृत व्यक्ति के कपड़ों को याद के तौर पर अपने पास रख सकते हैं. लेकिन सबसे बेहतर होगा कि आप उनके वस्त्रों को नदी में प्रवाहित कर दें.
गहनों का भी न करें इस्तेमाल
मृत व्यक्ति के गहने- मान्यता है कि मृतक व्यक्ति की आत्मा का आभूषण के प्रति लगाव अपने कपड़ों से ज्यादा होता है. गरुड़ पुराण के मुताबिक जो भी व्यक्ति उनकी मृत्यु के पश्चात उनके गहनों को पहनता है या फिर आभूषणों का उपयोग करता है तो ऐसे में उस मृत परिजन की ऊर्जा उस व्यक्ति के साथ जुड़ जाती है. जिस कारण से उसे शारीरिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए मृतक व्यक्ति के गहनों को पहनना नहीं चाहिए. लेकिन आप इन गहनों को घर में संभाल कर रख सकते हैं या फिर इन गहनों को नए तरीके से बनवाकर पहन सकते हैं. लेकिन उसी अवस्था में ही इन गहनों को नहीं पहनना चाहिए.
अगर मृत व्यक्ति के मरने से पहले आपको अपने गहने भेंट में दिए है तो आप इन्हें पहन सकते हैं. लेकिन अगर मृत परिजन ने गहनों को संभाल कर रखा हुआ था. जिससे उनका बहुत अधिक लगाव था तो इसे भूलकर भी पहनने की गलती न करें. मृत व्यक्ति की घड़ी- व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी घड़ी में उसकी सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा बसी हुई होती है. जो भी व्यक्ति मृत व्यक्ति की घड़ी को पहनता है उस पर इन ऊर्जा का नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. और वो मृत परिजन व्यक्ति के सपनों में बार बार आकर उसे कष्ट देते हैं. अत: आप भी मरे हुए व्यक्ति की घड़ी का भूलकर भी इस्तेमाल न करें.

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