रायपुर। छत्तीसगढ़ मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत ने पुरानी पेंशन योजना के संबंध में कर्मचारियों में व्याप्त भ्रम को दूर करने के लिए मंत्रालय में कार्यशाला आयोजित किया जाना चाहिये। प्रांताध्यक्ष श्री राजपूत ने इस संबंध में मुख्य सचिव से पत्राचार किया है जिसमें उन्होंने पुरानी पेंशन योजना के संबंध में कार्यशाला आयोजित करने का अनुरोध किया है। मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में संघ प्रांताध्यक्ष महेन्द्र सिंह राजपूत द्वारा कहा गया है कि वित्त निर्देश दिनांक 03/23द्वारा दिनांक 1.11.2004 से 31.3.22 के मध्य नियुक्त शासकीय सेवकों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करते हुए पुरानी अथवा नवीन पेंशन योजना में विकल्प चयन का प्रावधान किया गया है। तत्संबंध में साप्रवि के संदर्भित परिपत्र से संबंधित कर्मचारियों को नोटराइज्ड विकल्प/सहमति पत्र दिनांक 24.2.2023 के पूर्व प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया है। पत्र में संघ प्रांताध्यक्ष द्वारा आगे कहा गया है कि वित्त विभाग द्वारा जारी/लागू ओपीएस योजना के निर्देशों में अत्यधिक अस्पष्टता है, जिससे मंत्रालय के अधिकांश अधिकारी कर्मचारी भ्रमित है एवं विकल्प चयन करने में बहुत अधिक संशय की स्थिति निर्मित हो रही है। चूंकि विकल्प चयन केवल एक बार के लिए है जो अपरिवर्तनीय भी है, अतएव संघ का अनुरोध है कि उक्त वित्त निर्देश के नियमों को स्पष्ट करने एवं विकल्प चयन हेतु भ्रम को दूर करने बाबत मंत्रालय में वित्त विभाग के सक्षम अधिकारियों की तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित करवाने बाबत निर्देश प्रसारित करवाने का कष्ट करेंगे।
