रायपुर. राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, सदस्य श्रीमती अर्चना उपाध्याय ने आज राज्य महिला आयोग कार्यालय शास्त्री चौक रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जनसुनवाई की। छत्तीसगढ़ महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक की अध्यक्षता में आज 164 वीं जन सुनवाई हुई। रायपुर की आज की जनसुनवाई में कुल 27 प्रकरण सुनवाई हेतु रखे गये थे। एक प्रकरण में दोनों पक्षों को सुना गया दोनों को अपने विस्तृत दस्तावेज प्रस्तुत करने और लिखित कथन देने का निर्देश दिया गया। आवेदिका चाहे तो अपना आवेदन संशोधन कर सकते हैं। मां-बाप की लड़ाई का असर बच्चों पर पड़ता है बच्चों ने आयोग से निवेदन किया कि हमारे मम्मी पापा को समझाइए ताकि हमारा भविष्य ना बिगड़े। एक अन्य प्रकरण में आवेदिका के आरा मशीन का नवीनीकरण अनावेदक के द्वारा नहीं किया जा रहा है। जिसको लेकर आवेदिका ने शिकायत किया था आवेदिका का कथन है कि अनावेदक, आवेदिका के किसी भी दस्तावेज को डीएफओ के पास प्रस्तुत नहीं करता है और अड़ंगा लगाते हैं दोनों पक्षकारों के मध्य बहुत सारे दस्तावेज है जिसका अध्ययन करने के लिए टीम का गठन किया गया जिसमें आयोग की सदस्य एवं अधिवक्ता के समक्ष अपने दस्तावेजों को सिलसिलेवार जमा कर प्रस्तुत करें प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु आगे बढ़ाया जाता है। एक अन्य प्रकरण में दोनों ने अपनी शर्तें लिखी है शर्तों के आधार पर स्टांप में लिखाने के लिए फाइल काउंसलर को दिया जाता है। सोमवार को बुलाकर उनकी शर्तें फाइल कराएं तब प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाएगा। दोनों पक्षों ने अपने दस्तावेज एक दूसरे को दिया और मूल प्रति आयोग को दिया दोनों पक्षों को समझाईश दिया गया की दस्तावेज के आधार पर बिंदुवार उत्तर 10 दिन के अंदर जमा करा देवें ताकि प्रकरण को आसानी से समझा जा सके प्रकरण आगामी सुनवाई हेतु रखा जाता है।एक अन्य प्रकरण में दोनों की काउंसलिंग कराई गई अनावेदक साथ रहने से इंकार कर रहा है अनावेदक तेलीबांधा में पुलिस विभाग (विशेष शाखा) में आरक्षक के पद पर है उसे 32000 प्रति माह वेतन मिलता है पिछले 1 वर्ष से पत्नी और बच्चे को कोई भी भरन पोषण राशि नहीं दिया है अनावेदक को निर्देश दिया गया है कि आवेदिका को आज 5000 रूपये आयोग के समक्ष देवें। अनावेदक ने 5000 रूपये आवेदिका को दिया है उभय पक्ष को अपनी शर्ते बनाने के लिए समझाइश दिया गया। ताकि सुलह ना होने के स्थिति में वह अपनी राजीनामा से तलाक ले सकें। एक अन्य प्रकरण में अवेदिका ने बताया कि 2 बेटियां होने के कारण घर से निकाल दिया है। अनावेदक क्रमांक 1 बच्चे वाली पूर्व विवाहित से शादी कर लिया है और उसकी फोटो आवेदिका ने अभिलेख में संलग्न किया है अनावेदक 1 व 3 से पूछे जाने पर साफ मना कर रहा है। आवेदिका के भाई ने बताया कि अनावेदक क्रमांक 1 ने जिस महिला से दूसरी शादी किया है पामगढ़ के विद्ययाडीह की रहने वाली है आवेदिका के भाई को समझा दिया गया कि वह लगातार अनावेदक 1 और 3 के ऊपर नजर रखें और जहां पर भी अनावेदक 1 या 3 दूसरी विवाहित पत्नी के साथ नजर आए उन्हें पकड़कर आसपास के थाना जाकर रिपोर्ट दर्ज कराएं और आयोग को सूचित करें इस प्रकरण की निगरानी के लिए आयोग की सदस्य को दिया जाता है और आवेदिका को आज के सुनवाई की आडर्रशीट की कॉपी निशुल्क दिया गया ताकि दूसरी विवाहिताको पहचान कर थाना में उपस्थित कर सके आवेदिका के पास महिला थाना की प्रति सूचना के अधिकार से प्राप्त कर आयोग में जमा करें प्रकरण आगामी सुनवाई में दस्तावेजों के आधार पर सुनाना जाएगा। एक अन्य प्रकरण में दोनों पक्ष को अपना लिखित उत्तर विस्तार से दस्तावेज सहित प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया जिसके आधार पर प्रकरण सुना जाएगा आ वेदिका ने बताया कि अन आवेदक के खिलाफ की अनुशंसा हुई है बैड टच के मामले में सस्पेंड भी हो चुके हैं ऐसी दशा में पण विस्तृत दस्तावेज के अभाव में कोई निराकरण किया जाना संभव नहीं है।पक्षकारों को उपस्थित कराने में लापरवाही बरतने वाले कुछ थाना प्रभारियों के खिलाफ आयोग ने विभागीय तौर पर निंदा की अनुशंसा की एवं डीपीओ कांकेर को कड़ा पत्र भेजे जाने की दिए निर्देश।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
Exit mobile version