केंद्र सरकार ने साथी नाम से एक पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन शुरू किया है। एप की सहायता से किसी बीज की गुणवत्ता कितनी सही और कितनी गलत, ये पता लगाया जा सकेगा। इस सिस्टम में क्यूआर कोड होगा, जिसके माध्यम से इसकी पहचान हो सकेगी। कृषि मंत्रालय ने इसे सभी राज्यों से अपनाने का आग्रह किया है।

साथी अंग्रेजी के पांच अक्षरों को मिलकर बना है। इसका अर्थ है सीड ट्रेसेबिलिटी, आथेंटिकेशन एवं होलिस्टिक इन्वेंटरी।

 मंत्रालय का दावा है कि पोर्टल की मदद से घटिया और नकली बीज की पहचान आसानी से होगी। बीज खरीदने में किसानों के साथ धोखाधड़ी नही होगी। उत्तम बीज-समृद्ध किसान योजना के तहत इस पोर्टल एवं ऐप को बीज उत्पादन, उसकी गुणवत्ता, पहचान और प्रमाणन की चुनौतियों का पता लगाने के लिए विकसित की गई है। पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के सहारे मिनटों में खेती-किसानी से जुड़ी कई तरह की सुविधाएं मिल जाएंगी। सरकार ने यह भी व्यवस्था बनाई है कि सिर्फ वैध लाइसेंस वाले विक्रेता ही पंजीकृत किसानों को प्रमाणित बीज बेच सकते हैं। किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी की राशि सीधे भेजी जाएगी।

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