उज्जैन में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। अंधविश्वास यहां के समाज में इतनी गहरी जड़ें जमाकर बैठा है, जिसे सुनकर एकाएक विश्वास करना मुश्किल होता है। जिला अस्पताल में आज शुक्रवार 5 मई को पहुंचे कुछ लोगों का कहना था कि वह 20 साल पहले यहां मर चुकी एक महिला की आत्मा लेने आये हैं, और इसके लिए बाकायदा तंत्र-मंत्र का आयोजन किया गया, जिसके गवाह कई मरीज और उनके परिजन बने। नई दुनिया में प्रकाशित एक खबर के मुताबिक उज्जैन जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर कुछ ग्रामीण तंत्र-मंत्र करने पहुंचे थे। उनका दावा था कि उनके परिवार की एक महिला की 20 साल पूर्व कुत्ते के काटने से जिला अस्पताल में मौत हुई थी। महिला तो मर चुकी है, मगर उसकी आत्मा अब भी जिला अस्पताल में भटक रही है। परिजनों के मुताबिक वह लोग तंत्र मंत्र से महिला की आत्मा वहां से लेने आये थे।

जानकारी के मुताबिक जो लोग महिला की आत्मा लेने उज्जैन जिला अस्पताल पहुंचे थे, वे रतलाम के आलोट के रहने वाले थे। मीडिया में आयी खबर के मुताबिक 20 साल पहले अस्पताल में प्राण त्यागने वाली महिला के परिजनों के साथ एक महिला अपने हाथों में लोहे के चने लेकर कुछ मंत्र पढ़ रही थी और उसके साथ आये अन्य लोग हाथ जोड़कर खड़े रहे। मंत्र पढ़ रही महिला किसी की आत्मा को साथ चलने के लिए भी कहती सुनायी दे रही थी। जो परिवार यहां तंत्र-मंत्र के बहकावे में आकर कथित तौर पर अपने परिवार की महिला की आत्मा लेने तांत्रिक के साथ पहुंचा था, उन्होंने बताया कि उनके परिवार की ढाकू बाई नामक महिला को 20 साल पहले कुत्ते ने काट लिया था और उपचार के दौरान उसकी जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। ग्रामीण दावा कर रहे थे कि कुछ दिन पूर्व महिला की आत्मा ने उनके परिवार की एक महिला के शरीर में आकर बताया कि वह अब भी जिला अस्पताल में है, जिसके बाद परिवार करणसिंह नामक तांत्रिक के पास महिला की आत्मा को मुक्त कराने पहुंचा था। परिजनों का कहना है कि उन्हें तांत्रिक ने बताया कि जिस जगह किसी इंसान की मौत होती है, व्यक्ति की आत्मा वहीं रहती है जिसके बाद परिवार आत्मा को लेने के लिए अस्पताल पहुंचा था।

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