भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री कार्यालय छत्तीसगढ़ शासन को ट्वीट कर मध्यप्रदेश शासन द्वारा पेंशनरो के लिए केन्द्र के समान 42% प्रतिशत लम्बित महंगाई राहत राशि के देने के लिये प्रेषित प्रताव पर छत्तीसगढ़ सरकार से तुरन्त सहमति देने की मांग की है और आगामी 7 जुलाई को महँगाई भत्ता को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी संयुक्त मोर्चा के एक दिवसीय प्रांतव्यापी हड़ताल को राज्य के पेंशनरो ने भी समर्थन देने का निर्णय लिया है। जिसमे प्रदेश के 5 पेन्शनर संघो के पदाधिकारी- सदस्यगण हर स्तर पर भाग लेंगे. जारी विज्ञप्ति में उन्होंने आगे बताया है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की छटवीं अनुसूची की धारा 49 को अध्ययन करने की जरूरत है क्योकि धारा 49 के उपबन्धों में राज्य के पेंशनरों को महंगाई राहत या अन्य आर्थिक भुगतानों में दोनों राज्यो में आपसी सहमति होने पर ही भुगतान करने का कहीं कोई उल्लेख नहीँ हैं,पता नहीं किसके दिमाग की उपज है,जो राज्य विभाजन के बाद से दोनों राज्यो के बीच सहमति की अनिवार्यता सम्बन्धी झूठ का हल्ला मचाकर धारा 49 को पेंशनरों के महँगाई राहत तथा अन्य सभी प्रकार आर्थिक भुगतानों में रोड़ा बनाकर रखे हुए हैं। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य के साथ ही बने अन्य दो राज्यों क्रमशः उत्तराखंड और झारखंड में इसप्रकार की कोई समस्या नहीं है।यह समस्या उन राज्यों में क्यों नही है? इस पर सरकार के पास कोई जवाब भी नहीं है, और वे यह कहते नही थकते हैं कि वहाँ के राज्य सरकार से बात करके पता किया जायेगा तथा तदनुसार यहाँ भी कार्यवाही करेंगे।विगत कई वर्षों से यही बात बार बार कही जाती रही है, मगर सरकार के जिम्मेदार लोग उन राज्यों से पता कर आज तक यह बात बताने में असमर्थ रहे हैं कि यह समस्या उन राज्यों में क्यों नहीं है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश शासन की उपेक्षा से दोनों राज्य के पेंशनर समान रूप से पीड़ित हैं और दोनों ही सरकारों को पेंशनरों की समस्याओं को दूर करने में कोई रुचि नहीं है और आपसी मिलीभगत कर पेंशनरों के महंगाई राहत सहित सभी जायज आर्थिक मामलों को मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 में उल्लेख छटवीं अनुसूची के प्रावधान की आड़ में आपसी सहमति के बहाने जानबुझकर लटकाए हुए है.यह वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों का घोर उपेक्षा अपमान है । यह भी उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद छठवें वेतनमान के 32 माह राशि का भुगतान नहीं कर रहे हैं और सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर देने के मामले में भी चुप्पी साधे राशि दबाए हुये है। जारी विज्ञप्ति में पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं फेडरेशन से जुड़े पेंशनर कल्याण संघ के डॉ डी पी मनहर,रतन लाल कैवर्त, कृपाशंकर मिश्रा,पेन्शनर एसोशियशन के यशवंत देवान,विद्या देवी साहू,गंगा प्रसाद साहू,प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के आर पी शर्मा,रामकुमार थवाईत,श्यामलाल चौधरी, पेंशनर्स महासंघ के जे पी मिश्रा,पूरन सिंह पटेल, अनिल गोल्हानी तथा पेन्शनर समाज से ओ पी भट्ट आदि ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार से पेंशनरो के महंगाई राहत की रकम तुरन्त केन्द्र के समान पूरा लम्बित 42 प्रतिशत एरियर सहित देने हेतु आदेश प्रसारित करने की मांग की है।
मध्यप्रदेश शासन के प्रस्ताव पर पेंशनरों को पूरा 42 प्रतिशत महंगाई राहत देने की सहमति दे छत्तीसगढ़ सरकार, 7 जुलाई के हड़ताल को पेंशनर्स का समर्थन
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