सावन महीने की शुरूआत 4 जुलाई 2023 से हो रही है। इस पूरे महीने भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है। भगवान शिव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम परेशानियों का अंत कर हो जाता है। देवों के देव महादेव का प्रिय महीना यानी की सावन की शुरूआत 4 जुलाई 2023 से हो रही है। वैसे तो पूरे सावन में भगवान शिव-शंकर का जलाभिषेक किया जाता है। लेकिन सोमवार का दिन विशेष रूप से महादेव को समर्पित होता है। सावन सोमवार का व्रत रखने, जलाभिषेक व रुद्राभिषेक करने वाले जातक पर महादेव की कृपा बरसती है। भगवान शिव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति के जीवन में आने वाली तमाम परेशानियों का अंत कर हो जाता है। आइए जानते हैं सावन शिवरात्रि के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व के बारे में…
सावन शिवरात्रि 2023 तिथि और शुभ मुहूर्त
बता दें कि सावन शिवरात्रि 15 जुलाई 2023 को शनिवार को पड़ रही है। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:24 मिनट से 09:03 मिनट तक है। वहीं दोपहर में 11:43 मिनट से 02:22 मिनट पर है। इसके अलावा रात में 09:03 मिनट से रात 11:30 मिनट तक पूजा का शुभ मुहूर्त है।
पूजा विधि
सावन की शिवरात्रि के दिन सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि कर लें। फिर व्रत का संकल्प लें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इस दौरान भगवान शिव के मंत्र ‘ऊँ नम: शिवाय’ का जाप करते रहे। एक थाली में फल, फूल, दीप, बेलपत्र, नैवेद्य, धतूरा, दूध और जल का लोटा रख लें। अगर आपके घर के मंदिर में शिवलिंग हैं तो वहीं वरना किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करें। इस दौरान महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। महादेव को शक्कर, मिष्ठान या शाद का भोग अर्पित करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।

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