सावन शुरू होते ही बरसात की लगी झड़ी से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। सबसे ज्यादा खुशी धान रोकने वाले किसानों को हुई है। इस बार ज्यादा बरसात होने की भविष्यवाणी के चलते किसान कई दिन पूर्व से ही जोर-शोर से धान की रोपाई में जुट हुए हैं। वहीं, इस बार धान लगाने वाले खेतिहर मजदूरों की काफी कमी देखने को मिल रही है, जिसके चलते महिलाएं भी काफी संख्या में धान लगा रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो इस बार ज्यादा बारिश हो सकती है। जिस कारण किसान धान की फसल लगाने को लेकर खासे उत्साहित हैं। गांव भालोट निवासी किसान भूपेंद्र, भगते, अंकित ने बताया कि अभी तक किसान ट्यूबवैलों के जरिए खेतों में पानी देकर रोपाई कर रहे थे लेकिन पिछले चार दिन से हो रही बरसात ने किसानों को बड़ी राहत दी है। कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर महावीर सिंह ने बताया कि रोहतक की जमीन ऐसी है कि थोड़ी बरसात होते ही पानी भर जाता है। इसलिए यहां के कई क्षेत्रों में किसान धान के अलावा कोई अन्य फसल लगा ही नहीं सकते। जींद, कैथल, करनाल में धान की रोपाई हो चुकी है। रोहतक में धान की रोपाई देर से होती है। यहां 15 अगस्त तक धान की रोपाई चलती है।
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