दिल्ली पुलिस ने पेशे से एक सिविल इंजीनियर को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये युवक, गृह मंत्री के ओएसडी बनकर नौकरी के लिए धौंस जमा रहा था. आरोपी से दिल्ली पूछताछ कर रही है. पुलिस का कहना है कि आरोपी गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट में एक बड़े पद पर नौकरी पाना चाहता था, इसलिए खुद मेल करके प्रोजेक्ट से जुड़ी कंपनी को रौब में लेने की कोशिश कर रहा था. दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी का नाम रोबिन उपाध्याय है. ये युवक कई मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर चुका है और करीब 25 साल का एक्सपीरियंस रखता है. आरोपी रोबिन ने एक बड़े व्यवसायी की कंपनी में खुद को गृह मंत्री अमित शाह का ओएसडी राजीव कुमार बताया और मेल करके रौब दिखाया. आरोपी ने गंगा एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के सीनियर एसोसिएट वाईस प्रेजिडेंट और प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर रोबिन उपाध्याय को नियुक्त करने के लिए कहा.
पुलिस ने जांच की तो फर्जी निकला मामला
आरोपी की बातचीत से कंपनी को शक हुआ तो पुलिस से शिकायत की गई. कंपनी की तरफ से अक्षत शर्मा नाम के शख्श ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है. जांच के बाद पुलिस ने राजीव कुमार बने फर्जी रोबिन उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया. इसी तरह का एक और मामला पिछले साल दिल्ली में सामने आया था, जिसमें ठगों ने खुद को गृहमंत्री अमित शाह का पार्टनर बताकर मुंबई के एक कारोबारी से 2 करोड़ रुपए ठग लिए थे. पैसे देने वालों को जब अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने आरोपियों से पैसे वापस मांगे, लेकिन वे पैसे देने में आनाकानी करते रहे. पीडि़तों ने पुलिस के पास मामले की शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के मुताबिक मामला दिल्ली स्पेशल सेल ने जुलाई की शुरुआत में दर्ज किया था.
ठगों ने ऐसे बिछाया था जाल
मुंबई के कारोबारी प्रवल चौधरी ने स्पेशल सेल को बताया था कि राहुल शाह, अनीश बंसल और बृजेश रतन नाम के व्यक्तियों ने उनके साथ 2 करोड़ रुपए की ठगी की है. आरोपियों ने पीडि़त को गृहमंत्री से मिलवाने के नाम पर दिल्ली में 99 कुशक रोड पर बुलाया था. कारोबारी के मुताबिक 100 करोड़ रुपए में काम होना था, 2 करोड़ रुपए बतौर एडवांस दिया गया था. इस मामले में अभी तक कोई गिराफ्तारी नही हुई है. पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें बताया था कि गृह मंत्री शाह उनके सामने रहते हैं. उनके बेटे जय शाह से आरोपियों की गहरी दोस्ती है. आरोपियों ने यह भी कहा था कि वे जय शाह के साथ नारायणी ग्रुप समेत सभी बिजनेस में पार्टनर हैं. इससे पहले महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने भी आवाज बदलकर बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम दिया था. उसने रैनबैक्सी के मालिक शिवेंद्र सिंह की पत्नी अदिति सिंह से पैसे वसूलने के लिए सुकेश कई बार आवाज बदलकर बात करता था. वो लगातार आश्वासन देता था कि उसके पति शिवेंद्र को जेल से जल्द जमानत दिलवा दी जाएगी. वो फोन पर कहा करता था कि गृह मंत्री ने खुद मुझसे कहा है कि मैं आपसे बात करूं. आपके हितों का ध्यान देश के बड़े लोग रख रहे हैं. ये पूरा कारनामा सुकेश ने जून 2020 से मई 2021 के बीच किया था. वो कभी गृह सचिव बन बात करता था, तो भी कानून सचिव की आवाज में भी बड़े-बड़े वादे कर देता था. वो ये सबकुछ तिहाड़ जेल में बैठकर ही कर रहा था. आरोपी ने 215 करोड़ ठगे लिए थे.
गृहमंत्री का ओएसडी बनकर जमा रहा था धौंस, पुलिस की गिरफ्त में आया सिविल इंजीनियर
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