रायपुर। नवा रायपुर के तूता में पिछले 13 दिनों से चली आ रही हड़ताल आज 14वें दिन भी जारी रही। हजारों संविदा कर्मचारीगण सोशल मीडिया के माध्यम से संविदा मुक्त छत्तीसगढ़ की अपील कर रहे है। वहीं इस हड़ताल को अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन का समर्थन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों में गजब का उत्साह देखा जा रहा है। स्वास्थ विभाग के कर्मचारियों पर एस्मा लगाए जाने के विरोध में धरना स्थल पर तहसीलदार को सामूहिक त्याग पत्र सौंपा। कर्मचारी अपने मांगो के संबंध में अब सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं। संविदा मुक्त छत्तीसगढ़ के नाम से ट्वीट एवम सोशल मीडिया में फोटो वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं। ताकि अधिक से अधिक लोगो तक अपनी जायज मांग को पहुंचाना चाह रहे हैं। मंच पर अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष लक्ष्मण भारती ने कहा कि सरकार एस्मा लगाकर कर्मचारियों को डराने का काम मत करे। यहीं कर्मचारी सरकार को सम्मान दिलाते है उसके बदले एस्मा ये ठीक नहीं है । संविदा कर्मचारियों के संघर्ष में कर्मचारी संगठन साथ है किसी को डरने की जरूरत नहीं है। महासंघ के प्रांताध्यक्ष कौशलेश तिवारी ने सरकार की संवेदनशीलता पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि ये वही कोरोना योद्धा है जिनके बलबूते पर आपने कोरोना से जंग जीती है । उनसे संवाद स्थापित करने की बजाय सीधे एस्मा लगाया जाना अन्याय है।

