छत्तीसगढ़ शासन द्वारा मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 को विलोपित करने तथा केन्द्र के समान केन्द्र के देय तिथि से महंगाई राहत देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त फेडरेशन के आव्हान पर पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव एवं पेंशनर संगठनों के प्रांताध्यक्ष क्रमश: छत्तीसगढ़ पेंशनधारी कल्याण संघ के डॉ डी पी मनहर, पेंशनर्स एशोसिएशन छत्तीसगढ़ के यशवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के आर पी शर्मा,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के जे पी मिश्रा तथा पेंशनर्स समाज कांकेर जिला इकाई के अध्यक्ष ओ पी भट्ट के नेतृत्व में प्रदेश भर के पेंशनरों ने दोपहर 1 बजे से आज 10 अगस्त को मंत्रालय के समक्ष घेराव कर जंगी प्रदर्शन किया. इस दौरान मंत्रालय से चर्चा हेतु पेंशनर्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल को आमन्त्रित किया. प्रतिनिधि मण्डल से मुख्य सचिव, वित्त सचिव के अनुपस्थिति मे संयुक्त सचिव वित्त अतिश पाण्डे ने ज्ञापन लेकर चर्चा की.फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के साथ पेंशनर नेता डॉ डी पी मनहर, यशवंत देवान, आर पी शर्मा तथा जे पी मिश्रा शामिल रहे. संयुक्त सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि पेंशनरों को बकाया 4 प्रतिशत महंगाई राहत देने के लिए सहमति बाबत मध्यप्रदेश शासन को 2 अगस्त को पत्र भेजा जा चुका है. सहमति प्राप्त होने के बाद आदेश जारी कर दिया जायेगा. धारा 49 को विलोपित करने के मामले में उन्होंने बताया कि भारत शासन से इस धारा को हटाने के सम्बन्ध पत्र भेजकर जानकारी चाही गई है छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने इस बारे में प्रतिवेदन बनाकर भारत शासन को पूरी जानकारी सहित भेज दिया गया है. इस बारे में निर्णय भारत शासन द्वारा लिया जायेगा. जारी विज्ञप्ति में आगे बताया गया है कि छत्तीसगढ़ शासन ने 2 अगस्त 23 को जारी एक आदेश में केवल कर्मचरियों के लिए 4 प्रतिशत महंगाई देने का आदेश किया है और पेंशनर्स को छोड कर उपेक्षित है, यह बुजुर्ग पेंशनरों के साथ घोर अन्याय है। मध्यप्रदेश शासन 7 माह से मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) का हवाला देकर पेंशनरों को जनवरी 23 से 5 प्रतिशत महंगाई राहत देने हेतु सहमति मांग रहा था, परंतु छत्तीसगढ़ राज्य सरकार उन्हे सहमति नहीं दी और विलम्ब से सहमति देते हुए 2 अगस्त को जारी आदेश में एरियर राशि को हजम कर जनवरी की मध्यप्रदेश की सहमति की मांग को नजर अंदाज कर जुलाई 23 से लाभ दिया गया। जबकि नियमानुसार इसका लाभ केन्द्र के देय तिथि जुलाई 22 से होना था। इससे दोनों राज्य के 6 लाख बुजुर्ग पेंशनर्स को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जिसमें छत्तीसगढ़ के 1 लाख पेंशनर्स भी शामिल है जो महंगाई राहत से वन्चित रहे है. दोनों राज्य के पेंशनर्स को भरोसा था .वे केन्द्र के समान आदेश जारी होने का कई महीने से इंतजार कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब 2 अगस्त 23 को एक अन्य आदेश जारी कर 4त्न प्रतिशत महंगाई भत्ता एरियर को फिर से हड़प कर कर्मचारियों हेतु फिर से कर दिया परंतु पेंशनरों को फिर भूल गए। इस तरह भूपेश सरकार बुजुर्ग पेंशनरों के साथ बार बार लगातार अन्याय करते आ रही है। जिसके कारण राज्य के बुजुर्ग पेंशनर्स में भारी आक्रोश व्याप्त है जिसे आज मंत्रालय में प्रदर्शन के माध्यम से व्यक्त कर शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है. इस दौरान मंत्रालय से चर्चा हेतु पेंशनर्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल को आमन्त्रित किया. प्रतिनिधि मण्डल से मुख्य सचिव, वित्त सचिव के अनुपस्थिति मे संयुक्त सचिव वित्त अतिश पाण्डे ने ज्ञापन लेकर चर्चा की.फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव के साथ पेंशनर नेता डॉ डी पी मनहर, यशवंत देवान, आर पी शर्मा तथा जे पी मिश्रा शामिल रहे. संयुक्त सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि पेंशनरों को बकाया 4त्न महंगाई राहत देने के लिए सहमति बाबत मध्यप्रदेश शासन को 2 अगस्त को पत्र भेजा जा चुका है. सहमति प्राप्त होने के बाद आदेश जारी कर दिया जायेगा. धारा 49 को विलोपित करने के मामले में उन्होंने बताया कि भारत शासन से इस धारा को हटाने के सम्बन्ध पत्र भेजकर जानकारी चाही गई है छत्तीसगढ़ राज्य शासन ने इस बारे में प्रतिवेदन बनाकर भारत शासन को पूरी जानकारी सहित भेज दिया गया है. इस बारे में निर्णय भारत शासन द्वारा लिया जायेगा. भूपेश सरकार के उपेक्षा पूर्ण रवैया पर पेंशनर्स फेडरेशन तत्वावधान में इस प्रदेश व्यापी प्रदर्शन को पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव, पेंशनधारी कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ डी पी मनहर, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा,पेंशनर्स एसोशियशन के प्रांताध्यक्ष यशवंत देवान, प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय मंत्री पूरन सिंह पटेल एवं राज्य के विभिन्न जिलों से आये पेंशनर्स पदाधिकारियों में ओ पी भट्ट,राम रतन कैवर्त, राम नारायण ताटी, बी के वर्मा, बी एस दसमेर, शिव शंकर तिवारी, विद्या देवी साहू, कृपा शंकर मिश्रा, अशोक तिवारी, वीरेंद्र नाग, अनिल गोल्हानी, आर जी बोहरे, राकेश जैन, कुंती राणा, दिनेश उपाध्याय, लोचन पाण्डे,संतोष राठौर,श्याम लाल चौधरी, प्रकाश नामदेव, अनिल पाठक, पी एन उडकुडे, मो. कासिम, रैमन दास झाड़ी, सुरेश कुमार घटोडे, के के द्विवेदी, तीरथ यादव,अनूप नाथ योगी, नागेंद्र सिंह आदि ने संबोधित किया. अपने सम्बोधन में छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार द्वारा एरियर हजम कर वित्त विभाग से जारी 5त्न के आदेश पर असन्तोष जारी किया और रोके गये 4त्न महंगाई राहत के आदेश केन्द्र के देय तिथि 1 जनवरी 23 से एरियर सहित तुरन्त जारी करने की मांग की।

