रायपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और रोजगार उपलब्ध कराने के मकसद से शुरू किए गए छत्तीसगढ़ शासन की सुराजी गांव योजना अंतर्गत नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी से लोग लाभान्वित हो रहे हैं। गोधन न्याय योजना को इससे जोडऩे से गांवों में विकास को गति मिली है। मनरेगा और अन्य विकासपरक योजनाओ का लाभ दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन किसानों को हरसंभव मदद कर रही है। कवर्धा जिले के विकासखण्ड सहसपुर लोहारा के ग्राम पंचायत सिंगारपुर के कृषक श्री चेतन वर्मा पिता श्री रवि वर्मा को नरवा, गरूवा, घुरूवा और बाड़ी योजना के तहत मनरेगा से 16 हजार 200 रूपए का बाड़ी विकास कार्य स्वीकृत किया गया है। भूमि विकास होने से मिट्टी उपजाऊ हो गयी है, जिससे श्री वर्मा के बाड़ी में सब्जियों का आसानी से उत्पादन हो रहा है। इन सब्जियों के विक्रय से उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। इसके अलावा कृषक चेतन को वर्ष 2019-20 में उद्यानिकी विभाग ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन से जो?ते हुए वर्मी बेड प्रदाय किया गया। जिसमें उनके द्वारा वर्मी खाद का उत्पादन किया जा रहा है। चेतन वर्मा और उसके परिवार के सदस्यों ने बताया कि सब्जी के विक्रय से उन्हें प्रत्येक माह लगभग 5 से 6 हजार रूपए का आमदनी हो रही है। कवर्धा जिले के उद्यानिकी विभाग के सहायक संचालक उद्यान ने बताया कि ग्रामीण कृषकों को मनरेगा योजना एवं उद्यानिकी विभाग से सीधे लाभान्वित किया जा रहा है। किसानों ने इसके लिए शासन और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
