एक अस्पताल के नवजात शिशु यूनिट में काम करने वाली नर्स लूसी लेटबाय पर बच्चों की मौत में संलिप्तता का संदेह हुआ तो विभाग के मुख्य डॉक्टर ने इसकी शिकायत की.

लेकिन अस्पताल के प्रबंधन ने लूसी के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जांच करने की बजाय डॉक्टरों को चुप कराने की कोशिश की और जब तक पुलिस तक मामला पहुंचता सात बच्चों की मौत हो गई. गिरफ़्तार होने से पहले नर्स लूसी तीन साल तक उसी अस्पताल में काम करती रहीं. नवजात शिशु विभाग के मुख्य डॉक्टर डॉ. स्टीफेन ब्रेयरे ने अक्टूबर 2015 में चेतावनी दी थी कि ‘नर्स ही शायद बच्चों की हत्या कर रही थी.’

लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और इसके बाद उसने पांच अन्य नवजातों को मारने की कोशिश की, जिनमें दो की मौत हो गई.चेशायर में काउंटेस ऑफ़ चेस्टर हॉस्पिटल में सात नवजातों की हत्या और सात हत्या की कोशिश का लेटबाय को दोषी पाया गया है. पहले पांच नवजातों की मौत जून से अक्टूबर 2015 के बीच हुई, जबकि अंतिम दो बच्चों की मौत जून 2016 में हुई. जांचकर्ताओं को इस बात पर हैरानी हुई कि जब नवजातों की मौत हुई, नर्स लूसी लेटबाय ड्यूटी पर थीं. बीबीसी पैनोरमा और बीबीसी न्यूज़ ने ब्रिटेन के इस बहुचर्चित सीरियल किलिंग के मामले की पड़ताल की कि कैसे लेटबाय इतने लंबे समय तक हत्याओं को अंजाम देने और नवजातों को नुक़सान पहुंचाने के बाद भी खुद को बचाने में सफल होती रहीं.

पहली बार जब शक हुआ – जून 2015 से पहले इस विभाग में साल में दो या तीन नवजातों की मौत होती थी. लेकिन जून में कुछ अजीब घटनाएं घटीं. दो हफ़्ते के अंदर तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई. डॉ. ब्रेयरे ने यूनिट मैनेजर इरियन पॉवेल और अस्पताल के डायरेक्टर एलिसन केली के साथ मीटिंग बुलाई. ब्रेयरे ने बीबीसी को बताया, “हर बारीक़ पहलुओं पर हमने ग़ौर किया. हमें पता चला कि तीनों मौतों के दौरान लूसी लेटबाय ड्यूटी पर थीं. मुझे याद है कि किसी ने कहा कि नहीं.. लूसी नहीं हो सकती, वो अच्छी इंसान हैं.” हालांकि तीनों मौतों में कुछ भी कॉमन नहीं था और डॉ. ब्रेयरे समेत किसी को भी किसी गड़बड़ी का संदेह नहीं हुआ. लेकिन अक्टूबर 2015 में फिर दो शिशुओं की मौत हुई और उस दौरान भी लूसी ही ड्यूटी पर थीं. पहली बार डॉ. ब्रेयरे को लूसी पर शक हुआ कि हो न हो वही बच्चों को नुक़सान पहुंचा रही हों.

उन्होंने यूनिट मैनेजर इरियन पावेल से शंका ज़ाहिर की लेकिन वो मानने को तैयार नहीं थीं. अक्टूबर 2015 के एक ईमेल में उन्होंने मौतों को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ कहा लेकिन साथ ही लेटबाय के साथ इनके संबंधों को संयोग बताया. डॉ. ब्रेयर ने डायरेक्टर एलिसन केली से भी बात की लेकिन वहां भी उनकी नहीं सुनी गई. डॉ. ब्रेयर के साथी डॉक्टर भी चिंतित थे क्योंकि इन मौतों के अलावा वार्ड में नवजात शिशु बिना कारण गंभीर रूप से बीमार हो रहे थे. शिशुओं को अचानक क्रिटिकल केयर या ऑक्सीजन देने की ज़रूरत पड़ रही थी और हर बार ड्यूटी पर लेटबाय होती थीं. एक अन्य डॉक्टर रवि जयराम ने बताया कि फ़रवरी 2016 में उन्होंने लूसी लेटबाय को एक बच्चे जिसे ‘बेबी के’ नाम दिया गया था, के सामने खड़े देखा, जिसने सांस लेना बंद कर दिया था. डॉक्टर ब्रेयरे ने तत्काल अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर इयान हार्वे और एलिसन केली से संपर्क किया. मार्च में उन्होंने इरियन पॉवेल से मीटिंग करने की बात कही.

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