मात्र डेढ़ बीघा जमीन और एक मकान के लिए एक जीजा ने यमराज का रूप लेकर अपने साले को जान से मारने की कोशिश की। लेकिन इसी वक्त एक बकरा देवदूत बनकर साले की जान बचा ली। मामला मध्य प्रदेश के नीमच जिले के ग्राम नयागांव का है। दरअसल, जावद तहसील में नयागांव के रहने वाले देवीलाल प्रजापत को उसके जीजा नंदलाल प्रजापत सांवलियाजी घूमने के बहाने ले गया जहां रास्ते में बाइक खराब होने का नाटक करके एक गहरे कुएं में देवीलाल को धकेल दिया। कुएं में गिरे देवीलाल ने जान बचाने के लिए अपने जीजा से बचाओ-बचाओ की गुहार लगाता रहा लेकिन जीजा तो अपने मकसद को कामयाब होता देख वहां से चलते बने थे। देवीलाल ने कुंए में एक पाइप ओर चट्टानों के सहारे 3 दिन तक कुएं में अपनी जान बचाई। इस बीच कुंए के आसपास आहट होने पर वह बार-बार बचाव-बचाव की गुहार भी लगाता रहा पर किसी ने नहीं सुनी। इस दौरान उसने भगवान को भी याद किया और भगवान ने उसकी बात सुन ली एक बकरे को देवदूत बना कर भेजा दिया। दरअसल, बकरी चराने वाली एक महिला का बकरा उसी कुएं में गिर गया। जब बकरे की तलाश में कुएं में झांका तो देवीलाल ने शोर मचाकर अपने कुएं में फंसे होने की बात बताई। ग्रामीणों ने रस्सी की मदद से देवीलाल को बाहर निकाला। पहले तो कुछ ग्रामीण उसे चोर समझ रहे थे। जो रात के अंधेरे में कुएं में गिर गया होगा। मगर जब बाहर आया तो माजरा कुछ और ही निकला। देवीलाल ने अपनी आप बीती बताई। इस दौरान कीर का खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने उसे कपड़े भोजन दिया गल चुके हाथ पैरों की मालिश की। परिजनों को भी फोन करके उसके उसके सकुशल होने की जानकारी दी। इसके बाद देवीलाल के परिजनों ने नयागांव पुलिस चोकी पर आरोपी जीजा नंदलाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। आरोपी की पत्नी भी अपने पति को फांसी देने की मांग कर रही हैं। (एजेंसी)
