सर्दियों में शरीर को ठंड से बचाने के लिए लोग तरह-तरह की चीजें खाते हैं. ज्यादातर लोग काजू-बादाम या ड्राई फ्रूट्स से शरीर को गर्म रखने की कोशिश करते हैं. हालांकि, महंगे होने के कारण काजू-बादाम खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं है. ऐसे में आयुर्वेद चिकित्‍सक सस्ते में मिलने वाली गुड़-तिल के फायदे बताए हैं. ये दोनों ही चीजें सर्दी के मौसम में ड्राई फ्रूट्स की तरह की शरीर में गर्माहट पैदा करते हैं. शरीर के तापमान को मेंटेन रखने का काम करते हैं. आइए जानते हैं तिल-गुड़ के फायदे…
ठंड से बचने तिल-गुड़ का सेवन कैसे करें
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स, तिल को शरीर के लिए काफी अच्छा मानते हैं. देसी गाय के घी के बाद तिल के तेल को सबसे ज्यादा अच्छा मानते हैं और सेवन की सलाह दे रहे हैं. ठंड में तिल को गुड़ के साथ मिलाकर रेगुलर खाने से शरीर में गर्मी बनी रहती है औऱ सर्दी, खांसी, फ्लू के खतरे कम होते हैं. रोजाना तिल और गुड़ का लड्डू या 20-25 ग्राम तक तिल कुट खाना फायदेमंद हो सकता है.
तिल क्यों फायदेमंद
तिल में पाया जाने वाला गुण काजू-बादाम में भी नहीं होता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, फास्फोरस, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-बी1, कॉपर और जिंक के साथ ही सेसमीन और सेसमोलिन नाम के दो कंपाउंड पाए जाते हैं, जो कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने का काम कर सकते हैं. इसके अलावा तिल हार्ट डिजीज से बचाने में भी मदद करते हैं. इसकी वजह इसमें पाया जाने वाला फाइटोस्टेरॉल, पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड है, जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने नहीं देता है.
तिल-गुड़ किसे नहीं खाना चाहिए
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, तिल और गुड़ सेहत के लिए बेहद अच्छा होता है. दोनों को मिलाकर खाना सर्दी में जबरदस्त तरीके से शरीर को फायदा पहुंचा सकता है. लेकिन डायबिटीज के मरीजों को गुड़ नहीं खाना चाहिए. क्योंकि इसका ग्‍लाइसेमिक इंडेक्‍स ज्‍यादा होता है और यह शुगर को बढ़ा सकता है. जबकि तिल में कुछ सेचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो कॉलेस्‍ट्रॉल को बढ़ा सकते हैं. इसलिए तिल को भूनकर और घी या अन्य मेवा के साथ मिलाकर नहीं खाना चाहिए.

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