बरेली । पापा मुझे बचा लो। ये लोग मुझे मार देंगे। यह आखिरी शब्द पीसीएस की तैयारी कर रहे छात्र ने अपने पिता से फोन पर कहे थे। इसके बाद सुबह उसकी न्यूड लाश जामुन के पेड़ से रस्सी के सहारे लटकी हुई मिली। घटना से क्षेत्र में हडक़ंप मच गया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवक की शिनाख्त कराने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी दी। मौके पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच पड़ताल के बाद शव का पंचायतनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों ने बेटे की हत्या होने की शिकायत की है।

मंगाए थे ऑनलाइन रुपए हाफिजगंज के परेवा कुर्मियान गांव के रहने वाले चंद्रपाल गंगवार खेती किसानी करते है। उनका बेटा लक्ष्मण प्रसाद दिल्ली में रहकर पीसीएस की तैयारी कर रहा था। उसके जीजा नरेन्द्र ने बताया कि वेडनेसडे की शाम को लक्ष्मण ने पिता चन्द्रपाल को फोन किया था। इस दौरान उसने बताया था कि वह वापस घर आना चाहता है, लेकिन उसके पास पैसे नहीं है। इस पर पिता ने उसको 1500 रूपए ऑनलाइन भेजे थे। इस दौरान वह काफी घबराया हुआ था। इसके बाद परिजनों ने फिर हाल जानने के लिए उसे फोन किया, लेकिन उसका फोन स्विच ऑफ हो गया।

मुझे फंदे से लटका रहे हैं मृतक के पिता चंद्रपाल गंगवार ने बताया कि बेटे लक्ष्मण ने रात करीब दस बजे फिर फोन किया। इस दौरान उसने कहा कि कुछ लोगों ने पकड़ लिया है। हाथ-पैर बांधकर फंदे से लटका रहे हैं। इससे पहले परिजन कुछ पूछ पाते कॉल कट गई। इसके बाद से सुबह तक उसका फोन बंद जाता रहा। सुबह परिजन दिल्ली जाने की तैयारी कर रहे थे। इस दौरान उनके पास बेटे का शव गांव काशी धर्मपुर के खेत में पेड़ से लटके होने की सूचना आई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान की। इसके बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ है।

बरामद हुई शराब की बोतल और कपड़े – पुलिस को मौके पर युवक न्यूड हालत में मिला। उसके सारे कपड़े पास में रखे मिले। पास में ही उसका एक बैग, मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। इसके साथ ही शव से कुछ दूरी पर एक शराब की आधी बोतल और सिगरेट के टोटे भी बरामद हुए हंै, जिनसे फॉरेंसिंक टीम ने सैंपल लिए।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031