नई दिल्ली। 59 वे राष्ट्रीय धान कार्यशाला में आज 26 अप्रैल को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को धान के जर्मप्लास्म, संग्रहण, संरक्षण और और इनका प्रजनक कार्यक्रम मैं बेहतर उपयोग के लिए विशेष अवार्ड से कुलपति डा गिरीश चंदेल विभाग अध्यक्ष पौध प्रजनन विभाग डा दीपक शर्मा और समस्त धान वैज्ञानिक धान अनुसंधान को सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि विश्वविद्यालय मैं धान का विश्व मैं दिव्तीय सबसे बड़ा 23250 धान किस्मो का संग्रहण मौजूद है। विश्विद्यालय के सहयोग से पौधा किस्म संरक्षण और किसान अधिकार प्राधिकरण, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा किसानों की भारत मैं दिव्तीय सबसे ज्यादा किस्मों के पंजीकरण सर्टिफिकेट मिल चुके हैं। विश्वविद्यालय द्वारा धान की नई किस्मों का विकास उत्परिवर्तन प्रजनक विधि, स्पीड ब्रीडिग और स्मार्ट ब्रीडीग मैं जर्म प्लास्म के बेहतर उपयोग द्वारा नई किस्मों का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में धान के जनन द्रव्य से प्रथम औषधीय धान किस्म जो मानव शरीर के लिए रोग प्रतिरोधक एवम केंसर सैप्रेसिव किस्म है संजीवनी को राज्य किस्म समिति द्वारा रिलीज/विमोचित किया गया हैद्य इस तरह की भारत वर्ष मैं पहली औषधीय किस्म को जारी किया गया है। अवार्ड डॉ. टीआर शर्मा उप महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली, डा आर एम सुंदरम निदेशक भारतीय धान अनुसंधान केंद्र, हैदराबाद, एवम डा ए के सिंह, निदेशक पूसा अनुसंधान केंद्र नई दिल्ली द्वारा दिया गया।
राष्ट्रीय कार्यशाला में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को विशेष अवार्ड, कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा और समस्त धान वैज्ञानिक हुए सम्मानित
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