राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रहने वाले एक युवक ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए बकरे के कलेजे का हिस्सा खाया, लेकिन वह गले में अटक गया और उसके कारण मौत हो गई. यह हिस्सा कच्चा खाया गया था, जो गले की नलकी में फस गया था. घटना डूंगरपुर जिले के दोवडा थाना इलाके में स्थित एक गांव की है.

मृतक ने बकरे को काटकर खाया था कच्चा कलेजा – पुलिस ने बताया हड़मतिया गांव में रहने वाला रूपसी परमार 40 साल का था. वह गांव में मीट बेचने का काम करता था. कल रात को उसने एक बकरा काटा था और उसको काटने के बाद उसका कलेजा कच्चा खाया था. लेकिन वह उसके गले की श्वास नदी में फस गया. वह वहीं बेहोश होकर गिर गया. उसे अस्पताल भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई. आज सवेरे उसका पोस्टमार्टम किया गया तब जाकर यह खुलासा हुआ कि उसकी मौत दम घटने से हुई है . उसके गले से मीट का टुकड़ा निकाला गया है.

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए मीट खाया उसी ने जान ले ली – माना जाता है कि बकरे के कलेजे का हिस्सा खाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. उसमें विटामिन और प्रोटीन भारी मात्रा में होती है. यही कारण है बकरे के शरीर में उसके कलेजे का हिस्सा सबसे ज्यादा महंगे दामों पर बिकता है. जिस युवक की मौत हुई है, उसके तीन बच्चे हैं. जिनमें दो बेटे और एक बेटी है.

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