रायपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में छत्तीसगढ़ को भी जगह मिली है। बिलासपुर से पहली बार के भाजपा सांसद तोखन साहू मोदी के मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं।
पीएम मोदी के शपथ ग्रहण से पहले पीएमओ से उनके पास फोन आया था। उन्हों राज्यमंत्री की शपथ ली है। पार्टी सूत्रों के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग और साहू समाज को साधने के लिए भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। प्रदेश में सामाजिक समीकरण बैठाने के चलते तोखन साहू के नाम को आगे किया गया है।
राज्य गठन के बाद से केंद्र सरकार में राज्यमंत्री का दर्जा पाने वालों में तोखन साहू सातवें सांसद बन चुके हैं। इनसे पहले दिलीप सिंह जूदेव, रमेश बैस, डा रमन सिंह, चरणदास महंत, विष्णुदेव साय और रेणुका सिंह के नाम शामिल है। केंद्र सरकार में सबसे अधिक बार राज्यमंत्री का दर्जा पाने वालों में रमेश बैस है।
ये चार बार राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। राज्य बनने के बाद से अभी तक केंद्रीय कैबिनेट में राज्यमंत्री के तौर पर ही सांसदों को जगह मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में बिलासपुर सांसद तोखन साहू को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी।
तोखन साहू एक बेहद साधारण किसान परिवार से आते हैं। मंत्रिमंडल गठन की अटकलों के बीच रविवार को सुबह से ही इस बात की अटकलें लगाई जा रही थी कि मोदी मंत्रिमंडल में छत्तीसगढ़ को भी पहले ही दौर में प्रतिनिधित्व मिलेगा। दिग्गज सांसदों की दावेदारी को किनारे करते हुए पहली बार के सांसद तोखन साहू को मंत्री बनाने के पीछे जातिगत राजनीति को साधना माना जा रहा है।
बिलासपुर लोकसभा सीट से टिकट के दौरान ओबीसी वर्ग की बहुलता को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने साहू समाज से ताल्लुक रखने वाले पूर्व विधायक तोखन साहू को उम्मीदवार बनाया था। लोरमी विधानसभा के पूर्व विधायक तोखन साहू मुंगेली जिले से आते हैं।
अविभाजित बिलासपुर जिले को इसके पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिल पाई थी। बिलासपुर लोकसभा सीट से पुन्नूलाल मोहले ने सर्वाधिक चार बार चुनाव जीतने का कीर्तिमान स्थापित किया है। मोहले के बाद स्व दिलीप सिंह जूदेव, लखनलाल साहू, अरुण साव और अब तोखन साहू सांसद निर्वाचित हुए हैं।
गांव में छाई खुशियां
सांसद तोखन साहू को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की खबर मिलते ही उनके गांव में खुशी की लहर छा गई। परिवार में भी उत्सव का माहौल बन गया। चार भाइयों में तोखन साहू सबसे बड़े हैं। उनसे छोटा भाई पोखन साहू कोइलारी हाइस्कूल में प्रभारी प्राचार्य हैं। तीसरे नंबर के भाई रमेश साहू किसान हैं और घर में खेती का काम देखते हैं। छोटा भाई तारकेश्वर साहू मुंगेली में पीएमजेएसवाय में अकाउंटेंट हैं। सांसद के बड़ी बेटी शिवानी साहू और बेटा निखिल साहू दोनों बीएससी कर चुके हैं। निखिल पीएससी की तैयारी कर रहा है।
एक संयोग ऐसा भी
बिलासपुर लोकसभा सीट से लगातार चार बार जीत का कीर्तिमान बनाने के साथ ही बिलासपुर सीट को भाजपा के अभेद गढ़ के रूप में तब्दील करने वाले पुन्नूलाल मोहले से लेकर लखनलाल साहू, अरुण साव और तोखन साहू सभी मुंगेली जिले से आते हैं। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव को अपवाद स्वरूप छोड़ दें तो भाजपा मुंगेली जिले से ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारती रही है।
मुंगेली जिले का बढ़ा सियासी ताकत
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के साथ ही प्रदेश की राजनीति में मुंगेली जिले का सियासी रुतबा बढ़ गया है। मुंगेली जिले की लोरमी विधानसभा सीट से विधायक अरुण साव उप मुख्यमंत्री हैं। लोरमी के पूर्व विधायक व सांसद तोखन साहू अब केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आएंगे।

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