राजनांदगांव। राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत जिले में 23 से 30 सितंबर तक कृमि मुक्ति सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान समुदाय स्तर पर मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा गृह भ्रमण कर एक से 19 वर्षीय बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा अल्बेंडाजॉल खिलाई जाएगी। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस हर वर्ष 8 अगस्त को मनाया जाता है, परंतु इस वर्ष कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इस कार्यक्रम की तिथि को आगे बढ़़ाया गया है। कोविड-19 के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए जिले के कन्टेनमेंट जोन और बफर जोन में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के आयोजन के संबंध में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यानी कन्टेनमेंट जोन में स्थिति सामान्य होने के बाद ही यह सेवा प्रदान की जाएगी। वहीं, बफर जोन में सामान्य दिशा-निर्देशों का पालन कर सेवाएं जारी रखी जाएंगी। इस संबंध में सीएमएचओ राजनांदगांव डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि, कृमि मुक्ति कार्यक्रम के दौरान राजनांदगांव जिले के लगभग 6 लाख बच्चों, किशोर व व्यस्क को अल्बेंडाजॉल की दवा नि:शुल्क खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से शिक्षण संस्थानों में कृमि की दवा नहीं दी जाएगी। स्कूल व अन्य शिक्षण संस्थान बंद होने की वजह से समुदाय स्तर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए डोर-टू-डोर दवा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अल्बेंडाजॉल की गोली बच्चों और ब?ों के लिए सुरक्षित है। इसके बावजूद दवा खाने के उपरांत यदि कोई प्रतिकूल प्रभाव हो तो प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपचार की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा रहेगी।
स्वास्थ्य विभाग की विशेष व्यवस्था
सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को चौबीसों घंटे खुला रखने के साथ ही सभी आंगनबा?ी केन्द्रों, स्कूलों से 108 एम्बुलेंस सेवा एवं चिरायु दल द्वारा द्वारा पी?ितों को निकट के स्वास्थ्य केन्द्र में रेफर करने को कहा गया है। कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 के समस्त निर्देशों का पालन किया जाना अनिवार्य है।
गर्भवती महिला या बीमार बच्चों को नहीं दी जाएगी गोली
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी रेणु प्रकाश ने बताया कि इस वर्ष बच्चों को दवाई मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा गृह भ्रमण कर दी जाएगी। एक से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली (200 एमजी) अल्बेंडाजॉल तथा 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक गोली (400 एमजी) खिलाई जाएगी। कृमि मुक्ति दिवस पर गर्भवती महिलाओं और बीमार बच्चों को अल्बेंडाजॉल की गोली नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा साल में 2 बार कृमि मुक्ति कार्यक्रम मनाया जाता है, जिसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की समान भागीदारी होती है, लेकिन इस वर्ष सप्ताहिक कार्यक्रम कर बच्चों को नि:शुल्क अल्बेंडाजॉल गोली खिलाकर राज्य में कृमि संक्रमण से मुक्ति का प्रयास किया जाएगा।
गोली खिलाना इसलिए आवश्यक…
कृमि मुक्ति कार्यक्रम को लेकर सीएमएचओ डॉ. चौधरी ने बताया कृमि संक्रमण चक्र की रोकथाम के लिए यह गोली बच्चों को देना आवश्यक है, ताकि बच्चों को भोजन से मिलने वाले पोषण आहार को कृमि नष्ट न कर दें। कृमि बच्चों के स्वास्थ्य शिक्षा और संपूर्ण विकास को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं। कृमिनाशक की गोली से बच्चों के संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास में मदद मिलती है। इसलिए कृमि नाशक गोली खिलाना आवश्यक है।
कृमि संक्रमण के लक्षण
कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे के शरीर में खून की कमी हो जाती है। वे हमेशा थकान महसूस करते हैं। उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास भी बाधित होता है एवं बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
कृमि संक्रमण से बचाव के उपाय
नाखून साफ और छोटे रखें, हमेशा साफ और स्वच्छ पानी ही पीयें, खाने को ढक कर रखें, फल व सब्जियों को उपयोग में लाने से पहले साफ पानी में अच्छे से धोएं, घरों के आसपास साफ सफाई रखें, खुले में शौच न करें, बल्कि हमेशा शौचालय का प्रयोग करें, अपने हाथ साबुन से धोएं, विशेषकर खाने से पहले और शौच जाने के बाद।

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