रायपुर सर्व यादव समाज के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने धमतरी,कुरूद के पास के गांव में हुए एक बच्ची के साथ हुई घटना की में प्रशासनिक असंवेदन शीलता दिखती है ,उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि शासन प्रशासन कितने निकम्मी हो गई है इस घटना से पता चलता है कि एक पीड़ित परिवार को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है, उन्होंने कहा कि विशेष कर प्रदेश में जब पूरा प्रदेश नारी शक्ति के उत्सव में डूबा हुआ है उसे समय इस प्रकार की घटना होना सभी के लिए दुर्भाग्य जनक है, विशेष कर प्रशासन के लिए दुर्भाग्य जनक है कि उन्होंने इस घटना में संवेदनहीनता का परिचय दिया है और पीड़ित परिवार को भटकना पड़ा है, उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित थाने के ,अस्पताल के सभी लोगों के ऊपर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए और पीड़ित परिवार को तत्काल 50 लकख रुपए सहयोग राशि प्रदान किया जाना चाहिए ,उन्होंने कहा कि जल्द ही समाज के प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करेगी, साथ-साथ घटना में हुए लापरवाही एवं जिम्मेदार लोगों के शिकायत प्रशासन से भी करेगी ,अस्पताल की असंवेदनशीलता का एक और उदाहरण सामने आया है। यहां दुष्कर्म से पीड़ित साढ़े चार वर्ष की एक बालिका के उपचार में अस्पताल में घोर लापरवाही दिखाई गई। बालिका 23 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही, लेकिन न तो उसका एक्स-रे किया गया न ही सोनोग्राफी। यह छोटी सी बालिका पीड़ा से छटपटाती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन अपनी ही चाल में लगा रहा। बालिंका की पीड़ा से व्यथित होकर जब स्वजन भड़ककर हंगामा करने लगे तब जाकर अस्पताल प्रशासन जागा। 24वें दिन बालिका के अच्छे उपचार की व्यवस्था की गई है। 17 वर्षीय किशोर ने इस बालिका के साथ इस घिनौने कृत्य किया है। बालिका उसके बाद से ही अस्पताल में भर्ती है। पीड़िता के स्वजन ने आरोप लगाते हुए बताया कि जब नौ अक्टूबर को जिला अस्पताल में उपचार कराने लाए तो यहां उपचार से ही मना कर दिया गया था। पुलिस प्रशासन के आने के बाद ही उपचार करने की बात कहीं। पीड़ित के स्वजन ने पुलिस कर्मचारियों से बात कराई, लेकिन उनकी भी नहीं सुने। अंत में पुलिस अधिकारी आए, तब जाकर उपचार शुरू हुआ। बालिका के सोनोग्राफी कराने के लिए कहने पर मशीन खराब होने व डाक्टर को बाहर जाने की बात बोली जा रहीआक्रोशित स्वजन की बात जब मीडिया तक पहुंची, तब जाकर सोनोग्राफी हुई और एक्स-रे भी की गई। 11 अक्टूबर को स्वजन ने बताया कि अस्पताल के भर्ती कक्ष में दो नर्स की ड्यूटी है। उपचार करने डाक्टर भी पहुंचे थे, अब जाकर पीड़िता को राहत मिली है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी के उपचार में अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही दिखाई है।
परखण्डा की घटना प्रशासनिक संवेदनहीनता का परिचायक – रमेश यदु, घटना की निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को 50 लाख सहयोग की मांग
Related Posts
Add A Comment
chhattisgarhrajya.com
ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Important Page
© 2025 Chhattisgarhrajya.com. All Rights Reserved.



















