रायपुर । साइबर अपराध से ठगी की रकम को थाईलैंड और चीन भेजने के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए रेंज साइबर थाना रायपुर ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ठगी की रकम का आकलन बढ़कर अब 429 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में संदीप रात्रा (41 वर्ष) निवासी उत्तम नगर, दिल्ली और राजवीर सिंह (22 वर्ष) निवासी हीरापुर, रायपुर शामिल हैं। इनके पास से फर्जी कंपनियों के दस्तावेज, विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) ट्रेडिंग बैंक खातों की जानकारी, और मोबाइल फोन सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।

प्रकरण की पृष्ठभूमि
थाना आमानाका में दर्ज अपराध क्रमांक 433/24 धारा 420, 34 के तहत इस मामले की जांच रेंज साइबर थाना रायपुर कर रहा है। इससे पहले, दिल्ली निवासी पवन कुमार और गगनदीप को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा के निर्देश पर इस गिरोह के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

फर्जी कंपनियों का उपयोग
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने अपने आधार कार्ड के पते बदलवाकर “क्रोमा शिपिंग एंड लॉजिस्टिक्स” नामक एक फर्जी कंपनी बनाई। इस कंपनी के नाम पर उन्होंने इंडियन ओवरसीज बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक में फॉरेक्स ट्रेडिंग के लिए खाते खोले थे। इन खातों का उपयोग साइबर क्राइम से ठगी की रकम को थाईलैंड और चीन भेजने के लिए किया जाता था।

पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने रायपुर के लालपुर स्थित प्रोग्रेसिव प्वाइंट में छापेमारी कर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने ठगी के पैसों को विदेश भेजने की साजिश की बात स्वीकार की। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।

ठगी का जाल और बड़ा खुलासा संभव
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के बैंक खातों और दस्तावेजों की गहन जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि ठगी का यह नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और कंपनियों की तलाश में जुटी हुई है।

पुलिस महानिरीक्षक मिश्रा ने कहा कि साइबर क्राइम से जुड़ी इस तरह की गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और ठगी की रकम को वापस लाने के प्रयास जारी रहेंगे।

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