गरियाबंद। राजिम कुंभ कल्प के सांस्कृतिक मंच पर रंगारंग कार्यक्रम की प्रस्तुति हुई। गरियाबंद जिले की लोक कलामंच हमर धरोहर के कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ के लोकगीतों का भावपूर्ण प्रदर्शन और लोकनृत्य की प्रस्तुति देखकर दर्शक झूम उठे। हमर धरोहर लोक मंच के गायक मनेश्वर एवं उनके साथी कलाकारों की प्रस्तुति देखकर दर्शकों ने तालियों की बौछार कर दी। हिमानी वासनिक ने भरतरी में कई प्रसंगो का भावपूर्ण प्रदर्शन की। जिसे दर्शको ने काफी सराहना की। नरेश कुमार समुन्द्र द्वारा मानस की चौपाईयों पर व्याख्यान सुनाकर पूरे मंच को श्रद्धा और भक्ति से लबालब कर दिया। लीला बाई ने अपने साथी कलाकारों के साथ सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी। सेवकराम यादव एवं उनके सहयोगी कलाकारों द्वारा लोकमंच की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। खेमकुमार सेन ने मानस गायन की प्रस्तुति दी।
रेखा जलक्षत्री ने भी राजा भरथरी प्रेम गाथा को अपनी पुरानी चिर-परिचित आवाज में प्रस्तुति किया। जिसे सुनकर दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो गए। नोहर निषाद जगराता में मां शेरावाली के भजनों की प्रस्तुति देकर भक्तिमय माहौल बना दिया। श्रवण कुमार निषाद ने लोक कलामंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ का लोक संस्कृति की प्रस्तुति दी। राउत नाचा के कलाकारों ने पारंपरिक वेष-भूषा धारण कर हाथों मे डंडा लेकर दोहा बोलते हुए मनमोहक प्रस्तुति दी। योगेंन्द्र दास मानिकपुरी ने लोककला के द्वारा अपनी प्रस्तुति दी। जिसमे गणेश वंदना के पश्चात् छत्तीसगढ़ी गीतों का बौछार किया, जिसमें दर्शक भी खूब आनंद लेते हुए दिखाई दिए। कलाकारों का सम्मान आयोजक समिति ने गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।
लोक कलामंच हमर धरोहर के कलाकारों की प्रस्तुति देखकर झूम उठे दर्शक
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