बेमेतरा। धान खरीदी नवंबर माह से प्रारंभ करने के लिए प्रदेशभर से मांग उठ रही है। किसान संगठन सहित राजनीतिक पार्टी भी इसके लिए प्रयासरत है। जिला पंचायत बेमेतरा क्षेत्र क्रमांक 13 के जिला पंचायत सभापति एवं अंकुर समाज सेवी संस्था के प्रदेश संयोजक राहुल योगराज टिकरिहा के नेतृत्व में उनके साथियों द्वारा किसानों से मुलाकात कर नवंबर माह से धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए लिखे गए आग्रह पत्र में किसानों द्वारा हस्ताक्षर कराकर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। विगत दिनों जिला पंचायत सभापति राहुल योगराज टिकरिहा ने किसानों के बीच उनके खेत में जाकर फसल कटाई कर रहे किसानों एवं मजदूरों से भी बात की थी। तब किसानों ने भी धान रखने को लेकर होने वाले समस्या से भी उन्हें अवगत कराया था। सभापति टिकरिहा ने फसल काट रहें मजदूरों का वीडियों भी सोशल मीडिया के माध्यम से जारी किया था। सभापति टिकरिहा ने बताया कि नवंबर माह से धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कृषि मंत्री रविंद्र चौबे को किसान भाई-बहनों के हस्ताक्षर सहित आग्रह पत्र भेजा जाएगा। आगे उन्होंने ने कहा कि हमने विगत वर्ष हुए समस्या और इस वर्ष होने वाले समस्या को देखते हुए 8 बिंदुओं के आधार पर ये मांग कर रहें है। निश्चित तौर पर हम सबकी ये मांग जायज है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे किसान पुत्र है किसान के हित को देखते हुए जो 1 दिसंबर 2020 से धान खरीदी प्रारंभ करने का निर्णय लिए है उसे जरूर नवंबर माह से धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए पुन: आदेशित करेंगे।
आग्रह पत्र के प्रमुख 8 बिंदु

- पूर्व सभी सत्र में धान कि खरीदी नवंबर माह के प्रथम या मध्य में प्रारम्भ की जाती रही है।
- इस वर्ष अक्टूबर के प्रथम सप्ताह से ही फसल कटाई चालू हो चुकी है।
- फसल कटने के बाद किसानों के पास पहले जैसे फसल को रखने का व्यवस्था वर्तमान समय में नहीं है।
- चालू वर्ष में लगातार बेमौसम बरसात हो रहा है जिससे फसल खराब होने की आंशका है।
- पिछले वर्ष प्रतिदिन धान खरीदी की लिमिट तय कर देने से किसानों को बहुत समस्या हो रही थी।
- धान खरीदी डाटा कंप्यूटरीकृत होने के कारण सर्वर डाउन की भी समस्या आए दिन होता रहता है।
- पूर्व वर्ष में रखी गयी खरीदी सीमा को दूर करें क्योंकि बीते वर्ष लगातार किसानों के द्वारा चक्काजाम किया गया तब जाकर शासन द्वारा खरीदी समय बढाया गया था।
- बीते वर्ष बारदाने के कमी के चलते किसानों को भारी समस्या का सामना करना प?ा था। यह समस्या फिर उत्पन्न न हो इसके लिए बारदाने की आपूर्ति सुनिश्चित हो।


















