बिहार। गुरुवार को मौसम की मार झेलने वाले 24 घंटों के भीतर 35-40 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश, तेज़ हवाएँ, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से व्यापक तबाही हुई। अचानक और हिंसक मौसम ने कई जिलों में दहशत और तबाही मचा दी है, जिससे संपत्ति, फसलें और पशुधन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बिहार में बिजली गिरने से 25 लोगों की मौत

बिहार के कई जिलों में गुरुवार को हुई घातक बिजली और ओलावृष्टि की घटनाओं में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में असामान्य मौसम पैटर्न को लेकर दहशत और आशंकाएं फैल गईं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक मौतें नालंदा में हुईं, जहां 18 लोगों की मौत हुई। सीवान में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कटिहार, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और जहानाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

सीएमओ ने कहा, “सरकार इस भयानक घड़ी में परिवार के साथ है। तत्काल आदेश से राहत उपाय शुरू कर दिए गए हैं।” यह त्रासदी राज्य के चार जिलों में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद हुई है, जो एक बार फिर इस तरह की मौसम संबंधी आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति और गंभीरता पर जोर देती है।

नालंदा में सबसे ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं

सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नालंदा ज़िला शामिल है, जहाँ 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने बताया कि 21 लोगों की मौत आंधी-तूफ़ान की वजह से हुई, जबकि एक व्यक्ति की मौत बिजली गिरने की वजह से हुई। अधिकारी सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, सड़कों को साफ़ करने और बिजली बहाल करने के प्रयास जारी हैं। 350 से ज़्यादा बिजली के खंभे और 15 ट्रांसफ़ॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए।

कई जिलों में मौतें

नालंदा के अलावा भोजपुर (5 मौतें), गया (3 मौतें) और पटना, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, मुंगेर, बेगूसराय और गोपालगंज सहित कई अन्य जिलों से भी मौतें हुई हैं। कुल मिलाकर, बिजली गिरने और पेड़ गिरने या दीवारें गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई। इइसके बारिश के कारण हुई कई हादसे भी दर्ज किए गये हैं, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गयी है।

विपक्षी नेता ने सरकार पर लगाए मरने वाली संख्या छुपाने के आरोप

विपक्षी नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर उन्होंने कहा, “मैं बिहार में तूफान, बारिश, बिजली, पेड़ गिरने और दीवार गिरने की घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से स्तब्ध हूं।” यादव ने सरकार से उन किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा करने का भी अनुरोध किया, जिन्होंने अप्रत्याशित ओलावृष्टि और बारिश के कारण अपनी फसल खो दी है।

बिहार के कई इलाकों में कृषि भूमि, जो पहले से ही अप्रत्याशित मौसम की स्थिति के कारण तनावग्रस्त है, तबाह हो गई है, जिससे संवेदनशील रबी फसल के मौसम में किसानों की दुर्दशा और बढ़ गई है। राज्य सरकार नुकसान का आकलन करने और आश्रय, भोजन और दवाइयों जैसे राहत उपाय प्रदान करने के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय कर रही है।

48 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने की भविष्यवाणी

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में और भी गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है, जिसके कारण प्रशासन द्वारा सलाह जारी की गई है और नागरिकों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।

बिहार एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, तथा राज्य सरकार की तैयारियों और दीर्घकालिक जलवायु लचीलापन रणनीति पर चिंताएं हैं।

Advertisement Carousel
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930