छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों के (1) नियमितीकरण/स्थायीकरण, (2) निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, (3) न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिए जाने, (4) अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने, (5) आउट सोर्सिंग/ठेका/सेवा प्रदाता/समूह-समिति के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद करने को लेकर अनियमित कर्मचारी 13 अप्रैल 2025 रविवार को तुता नवा रायपुर में जंगी प्रदर्शन एवं मुख्यमंत्री निवास घेराव के लिए निकला जिसे पुलिस रेलवे लाइन के पास रोक दिया |

प्रदेश के 52 अनियमित संघों के 10 हजार से अनिक अनियमित कर्मचारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

सरकार अनियमित कर्मचारियों के समस्या को शीघ्र हल करने की दिशा में पहल नहीं करती है तो जुलाई में अनिश्चित कालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

भारतीय जनता पार्टी जब विपक्ष में थे तो उनके अनेक वरिष्ठ नेता/जनप्रतिनिधियों ने हमारे मंच में आकर हमारी समस्याओं को सुना एवं अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं को भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने पर इनका यथाशीघ्र निराकरण करने की बात कही थी तथा छत्तीसगढ़ के लिए मोदी की गारंटी 2023 पत्र के “वचनबद्ध सुशासन” अंतर्गत बिंदु क्र. 2 में एक कमिटी गठित कर कमेटी में अनियमित कर्मचारियों को सम्मिलित करते हुए समीक्षात्मक प्रक्रिया प्रारंभ करने का उल्लेख किया है| लेकिन कमेटी गठन आदेश अनियमित कर्मचारियों का कोई उल्लेख नहीं होने एवं कमिटी में अनियमित संघो के पदाधिकारियों को सम्मिलित नहीं करने से विरोधाभाष है|

सरकार इन 1.5 वर्ष वर्षों में अनियमित कर्मचारियों के कुछ नहीं किया| वादा के विपरीत अनियमित कर्मचारियों की छटनी की जा रही है, अनेक विभागों में वेतन लंबित है, संविदा वेतन अनुसार वेतन नहीं दिया जा रहा है, न्यूनतम वेतन में विगत 8 वर्षों से वृद्धि नहीं की गई है, अनेक विभाग में श्रम सम्मान राशी नहीं दी जा रही है|
अनियमित संघो के पदाधिकारियों ने अपने मांगो/समस्याओं को लेकर निरंतर आवेदन निवेदन करते आ रहे है, साय सरकार से काफी उम्मीद था परन्तु सरकार अनदेखी से अनियमित कर्मचारी आहत एवं आक्रोशित है|

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