भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सेवानिवृत नियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन अवधि के लिए गणना में लेने और उन्हें भी अन्य सेवानिवृत कर्मचारियों की भांति सभी आर्थिक लाभ देने की सरकार से मांग की है।

जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया है कि राज्य में सेवानिवृत नियमित किए गए दैनिक वेतन भोगी कर्मचारीगण 40 साल सेवा के बाद भी न्यूनतम पेंशन 7550 रुपए से अधिक की पात्रता नहीं रखते क्योंकि नियमितीकरण तिथि से उनकी पेंशन प्रकरण की गणना करने पर 33 वर्ष की क्वालीफाइंग सेवा की शर्ते पूरी नहीं होती जबकि संबंधित कर्मचारी की सेवा अवधि दैनिक वेतन भोगी के रूप की गई सेवा को जोड़ने पर 33 वर्ष से कहीं अधिक होता है। पेंशनर्स महासंघ द्वारा 15 मई 25 को मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव को प्रस्तुत किए जाने वाले 5 सूत्रीय मांगों में इसे शामिल किया गया है। इस मांग के पूरा होने से जलसंसाधन,लोकनिर्माण, लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी,ग्रामीण यांत्रिकी सेवा तथा वन विभाग के हजारों सेवानिवृत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश दैनिक वेतन भोगी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक ने सरकार से उनकी दैनिक वेतन भोगी के रूप में किए गए सेवा अवधि को पेंशन गणना शामिल कर आज स्थिति में (एरियर सहित नहीं) पूर्ण पेंशन का लाभ देकर जीवन स्तर में सुधार करने का आग्रह किया है।













